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गजब ! योगी आदित्यनाथ की सरकार और मुश्किल में 'महादेव' 

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RishiBy Rishi

Published on 21 March 2017 2:22 PM GMT

गजब ! योगी आदित्यनाथ की सरकार और मुश्किल में महादेव 
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इलाहाबाद : यूपी में योगी की सरकार आने के बाद साधू संतो को उम्मीद बंधी थी कि कम से कम धार्मिक मामलो में उनके साथ अन्याय नहीं होगा। लेकिन संगम नगरी इलाहबाद में प्रशासन का एक चौकाने वाला कारनामा सामने आया है। यहाँ इलाहबाद नगर निगम ने भोले नाथ के ऊपर ही लाखो के टैक्स का नोटिस जारी कर दिया है। शहर के सबसे प्राचीन शिव मंदिर के नाम नगर निगम ने एक लाख 17 हजार का रिकवरी नोटिस जारी किया है। जिससे महादेव के भक्त और मंदिर प्रबंधन गुस्से में है। मामले ने जब तूल पकड़ा तो नगर निगम मामले में जाँच के बाद कार्यवाही की बात कर रहा है।

यूपी की नयी योगी सरकार ने आज अपने काम काज की शुरुआत मुख्यमंत्री आवास में भगवान् शिव की मूर्ति की स्थापना के साथ भले किया हो। लेकिन एक फरमान ने संगम नगरी इलाहबाद में देवो के देव महादेव को मुश्किल में डाल दिया है। महादेव की इस मुश्किल की वजह है उनके नाम जारी हुआ 1 लाख 17 हजार की रिकवरी का यह नोटिस। जिसे इलाहबाद नगर निगम ने बाकायदा उनके नाम से जारी किया है। नगर निगम के इस फरमान से महादेव के भक्त और मंदिर समिति के लोग गुस्से में है।

शहर के चौक इलाके में है संगम नगरी का सबसे पुराना शिव मंदिर, हाटकेश्वर महादेव मंदिर है जिसमे रोज सैकड़ो भक्त आकर सर झुकाते हैं। नगर निगम की तरफ से इस मंदिर को आज एक रिकवरी नोटिस जारी हुआ जिसमे गृहकर के रूप में एक लाख 17 हजार भगवान् शिव के नाम बकाया के रूप में दर्ज थे। जबकि यूपी गृहकर अधिनियम की धारा 177 कहती है की प्रदेश के सभी मंदिरों , मस्जिद , चर्च और गुरुद्वारा को गृहकर के दायरे से मुक्त रखा जाएगा। इधर नगर निगम मामले में जाँच के बाद कार्यवाही की बात कर रहा है।

पी के मिश्रा मुख्य टैक्स निर्धारण अधिकारी नगर निगम का कहना है की हो सकता है मंदिर के नाम यह गृहकर का नोटिस भूल वश चला गया हो। लेकिन वह इस नोटिस की समीक्षा करेंगे और उसके आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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