राम मंदिर निर्माण पर नई खुशखबरी, आया ये बड़ा फैसला…

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज राममंदिर के भूमिपूजन का रास्ता साफ़ कर दिया है। राम मंदिर के भूमि पूजन के खिलाफ याचिका दायर की गयी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

नई दिल्ली: दशकों के इंतज़ार के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। हलांकि 5 अगस्त को भूमि पूजन को लेकर कई तरह के विरोधी स्वर भी उठ रहे हैं। इसी कड़ी में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आज राममंदिर के भूमिपूजन का रास्ता साफ़ कर दिया है। राम मंदिर के भूमि पूजन के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आज खारिज कर दिया।

5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में पावन राम जन्म भूमि में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण की तारीख का एलान हो चुका है। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मंदिर की शिला रखी जायेगी। मंदिर निर्माण का मॉडल भी तैयार है और भूमी पूजन की तैयारी भी जारी है। हालंकि इन सब के बीच साकेत गोखले नाम के शख्स ने 5 अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

भूमि पूजन के खिलाफ दायर की थी याचिका

गोखले ने अपनी याचिका में भूमि पूजन से अनलॉक-2 की गाइडलाइन का उल्लंघन होने का आरोप लगाया था। कहा गया कि भूमि पूजन में तीन सौ लोग इकट्ठा होने वाले हैं, जो कि कोविड की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा जारी नियमों के खिलाफ होगा।

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हाईकोर्ट ने राममंदिर के भूमिपूजन के खिलाफ याचिका की खारिज

इस पीआईएल के जरिये भूमि पूजन के कार्यक्रम पर रोक लगाए जाने की मांग की गई। आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम से कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। याचिका में यूपी सरकार द्वारा केंद्र की गाइडलाइन में छूट दिए जाने का आरोप भी लगा। हालांकि इलाहाबाद हाई कोर्ट गोखले की याचिका को खारिज कर दिया है।

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