कुम्भ के दौरान पेड़ों के काटे जाने पर कोर्ट ने मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज शहर में कुम्भ के दौरान सड़क चौड़ीकरण में कटे पेड़ां के बदले पेड़ लगाने की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

Published by Aditya Mishra Published: May 31, 2019 | 8:40 pm
Modified: May 31, 2019 | 8:42 pm
प्रतीकात्मक फोटो

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प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज शहर में कुम्भ के दौरान सड़क चौड़ीकरण में कटे पेड़ां के बदले पेड़ लगाने की मांग में दाखिल जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए फण्ड बनाने के आदेश के अनुपालन में क्या कदम उठाये है। याचिका की सुनवाई 12 जुलाई को होगी।

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यह आदेश न्यायमूर्ति पी.के.एस. बघेल तथा न्यायमूर्ति आर.आर. अग्रवाल की खंडपीठ ने ज्योति वर्मा, शिवनाथ तिवारी व अन्य विधि छात्रों की जनहित याचिका पर दिया है। केंद्र सरकार की तरफ से अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी ने पक्ष रखा।

याचियों का कहना है कि प्रयागराज शहर में सवा लाख हरे पेड़ काट डाले गए, और जो पेड़ लगाए गए है उनकी सुरक्षा का इंतजाम नहीं किया गया। याचिका में काटे गए पेड़ों की संख्या बताने तथा बिना कोर्ट की अनुमति के पेड़ों के काटने पर रोक लगाने की मांग की गयी है। याची का कहना है कि शीशम, आम, जामुन, बरगद, पाकड़, इमली, पीपल आदि पेड़ लगाए जाय।

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