घड़ियाल बैठा था घात लगाए, तभी ग्रामीणों ने कर दिया उसका ये हाल

यमुना किनारे पहले से घात लगाए घड़ियाल ने पानी आए मवेशियों पर हमला कर दिया । मवेशियों की झटपटाहट से की अवाज सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। किसी तरह से घड़ियाल के चुंगल से मवेशी को छुड़ा लिया । इसके बाद घड़ियाल पर रस्सी के फंदे फेककर उसको दबोच लिया गया। ग्रामीणों की सूचना पहुंची पुलिस और वन विभाग टीम ने घड़ियाल को अपने कब्जे में ले लिया ।

कानपुर: यमुना किनारे पहले से घात लगाए घड़ियाल ने पानी आए मवेशियों पर हमला कर दिया । मवेशियों की झटपटाहट से की अवाज सुनकर वहां मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। किसी तरह से घड़ियाल के चुंगल से मवेशी को छुड़ा लिया । इसके बाद घड़ियाल पर रस्सी के फंदे फेककर उसको दबोच लिया गया। ग्रामीणों की सूचना पहुंची पुलिस और वन विभाग टीम ने घड़ियाल को अपने कब्जे में ले लिया ।

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सजेती थाना क्षेत्र स्थित महुवापुरवा गांव यमुना नदी के किनारे बसा है । गांव के ग्रामीण पूरी तरह से यमुना के पानी पर ही अश्रित है । गुरूवार की शाम गांव के छोटे निषाद मवेशियों को पानी पिलाने के लिए गए थे । वहीं शाम के वक्त अन्य ग्रामीण भी नदी के किनारे मौजूद थे ।

छोटे निषाद ने बताया कि झाड़ियो मे एक घड़ियाल पहले से घात लगाकर बैठा था । जैसे ही मवेशी पानी पीने के लिए आगे बढ़े घड़ियाल ने हमला कर दिया । घड़ियाल मवेशियों को पानी के अंदर खीच कर ले जाना चाहता था । जब मैने और वहां मौजूद लोगो ने शोर सुना तो देखा कि घड़ियाल ने हमला किया है ।

लाठी डंडो की मदद से हम लोगों ने घड़ियाल को पानी के अंदर नहीं जाने दिया । यदि वो पानी के अंदर चला जाता तो उसकी ताकत दोगुनी हो जाती और भाग जाता । घड़ियाल पर हमने रस्सी के फंदे फेंके और उसको रस्सियों से जकड़ लिया ।

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गांव के प्रधान बैजनाथ सचान ने इसकी घड़ियाल पकड़े जाने की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी । वनरक्षक धीरज तिवारी के मुताबिक शुक्रवार को घड़ियाल को वन विभाग के कार्यालय ले जाया जाएगा । इसके बाद इसे कानपुर प्राणी उद्यान में छोड़ दिया जाएगा । इस घड़ियाल की लंबाई लगभग ढाई मीटर के आसपास है ।