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आक्रोशित ग्रामीणों ने इस बात को लेकर शिक्षक को पीटा

टाण्डा शिक्षा क्षेत्र अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय सलाहुद्दीनपुर में कक्षा दो की छात्रा के ऊपर आलमारी गिर जाने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

Deepak Raj

Deepak RajBy Deepak Raj

Published on 21 Jan 2020 1:59 PM GMT

आक्रोशित ग्रामीणों ने इस बात को लेकर शिक्षक को पीटा
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अम्बेडकरनगर । टाण्डा शिक्षा क्षेत्र अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय सलाहुद्दीनपुर में कक्षा दो की छात्रा के ऊपर आलमारी गिर जाने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। छात्रा की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक शिवचरण समेत अन्य शिक्षकों को बुरी तरह पीटा। लगभग दो घंटे तक पूरा विद्यालय परिसर अराजकता की चपेट में रहा तथा सैकड़ों ग्रामीणों ने शिक्षकों को बंधक बनाये रखा।

सूचना पर पंहुचे उपजिलाधिकारी महेन्द्र प्रताप तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी केपी सिंह व थानाध्यक्ष इब्राहिमपुर संजय सिंह ने किसी तरह लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन आक्रोशित ग्रामीण डीएम व बीएसए को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

सैकड़ों ग्रामीणों ने शिक्षकों को बंधक बनाये रखा

लगभग सवा चार बजे जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्र व पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी, एएसपी अवनीश कुमार मिश्र तथा बीएसए अतुल कुमार सिंह घटनास्थल पर पंहुचे तथा परिजनों को हरसम्भव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

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जानकारी के अनुसार सलाहुद्दीनपुर निवासी राजकुमार उर्फ फन्टू की सात वर्षीय पुत्री पायल कक्षा दो की छात्रा थी। दोपहर में मध्यावकाश होने के बाद वह खेलते हुए लकड़ी की एक आलमारी के पास पंहुची। उसी दौरान आलमारी उसके ऊपर गिर पड़ी। आलमारी गिरने से उसके सिर में गम्भीर चोटें आई।

शिक्षक को घेर कर ग्रामीणों ने पीटा

शिक्षकों ने तुरन्त आलमारी को हटाकर उसे बाहर निकाला लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। पता चला है कि शिक्षक उसे अस्पताल न ले जाकर मौके पर गिरे खून को साफ करके घटना को छिपाने के प्रयास में लगे रहे।

छात्रा की मौत की खबर सुनते ही ग्रामीण बुरी तरह भड़क गये तथा उन्होनें शिक्षकों को घेर कर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इससे पूरे विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गया जिससे भारी संख्या में जुटे ग्रामीणों के आक्रोश के कारण कोई भी मौके पर जाने का साहस नही कर पा रहा था।

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खण्ड शिक्षा अधिकारी केपी सिंह दूर से ही स्थिति पर नजर रखे हुए थे। थानाध्यक्ष इब्राहिमपुर संजय सिंह काफी प्रयास के बाद भी शिक्षकों को ग्रामीणों के चंगुल से बाहर नही ला सके। उपजिलाधिकारी टाण्डा महेन्द्र प्रताप का प्रयास भी असफल साबित हुआ। थोड़ी देर में अतिरिक्त पुलिस बल पंहुचने पर शिक्षकों को बाहर निकाला जा सका।

परिजनों ने प्रशासन को शव देने से इनकार कर रहे थे जबकि पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने पर अड़ी हुई थी। परिजनों का आरोप है कि छात्रा की हत्या की गई है, यदि ऐसा नही था तो शव को बाथरूम में क्यों छिपाया गया था। समाचार प्रेषण तक जिला प्रशासन व परिजनों के मध्य ग्राम प्रधान की मध्यस्थता में वार्ता चल रही थी।

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