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तीन साल पहले नाबालिग के साथ किया था ऐसा, अब कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

रिपोर्ट के बाद मामले की विवेचना कर अर्जुन और प्रमोद कुमार निवासी नारायणपुर कोतवाली औरैया के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई।

Aradhya Tripathi

By Aradhya Tripathi

Published on 30 Jun 2020 5:33 PM GMT

तीन साल पहले नाबालिग के साथ किया था ऐसा, अब कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
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औरैया: नाबालिग से छेड़छाड़ के दो आरोपितों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर बरी कर दिया। सदर कोतवाली क्षेत्र के करीब सवा 3 साल पुराने मामले में सुनवाई के बाद अपर जिला जज ने अपना फैसला सुना दिया।

2015 में दर्ज कराई थी रिपोर्ट

अभियोजन के अनुसार वादिनी ने 3 मार्च 2015 को महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी पुत्री जिसकी उम्र 17 वर्ष है नहर पटरी के किनारे खेत में गाय चराने गई हुई थी। तभी एक बाइक से 3 लड़के वहां पर आए और उसकी पुत्री से छेड़छाड़ करने लगे। पुत्री के चिल्लाने पर आसपास के लोग बचाने पहुंचे। इस दौरान आरोपित पुत्री को जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए।

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महिला ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में वादिनी की ओर से अर्जुन, प्रमोद कुमार और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। रिपोर्ट के बाद मामले की विवेचना कर अर्जुन और प्रमोद कुमार निवासी नारायणपुर कोतवाली औरैया के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई।

न्यायालय ने आरोपियों को किया बरी

चार्ज शीट आने के बाद मामले की सुनवाई न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के समक्ष चली। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक और बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने अपनी-अपनी दलीलें पेश की। मामले की सुनवाई के दौरान यह भी संज्ञान में आया की आरोपित अर्जुन के पिता और विपक्षी एक ही परिवार के और उनका प्लाट को लेकर कोई विवाद है।

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प्लाट के मामले में दबाव बनाने के लिए रंजिसन मुकदमा दर्ज कराने का मामला भी बताया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम कांत ने घटना के दोनों आरोपितों प्रमोद और अर्जुन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर बरी कर दिया। दोनों आरोपित इस समय जमानत पर है और मामले में दोषमुक्त होने के बाद उन्हें समर्पण करने की आवश्यकता नहीं है।

रिपोर्ट- प्रवेश चतुर्वेदी

Aradhya Tripathi

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