नहीं मिली जमानतः फायरिंग के दो आरोपियों और नाबालिग को भगाने के आरोपी पर अदालत सख्त

दो पक्षकार अवैध शास्त्रों से फायर कर रहे हैं। इससे लोगों में काफी दहशत व अफरा-तफरी मची है। पुलिस ने कई लोगों को मौके पर गिरफ्तार किया।

औरैया: न्यायाधीश डॉक्टर दीपक स्वरूप सक्सेना ने थाना दिबियापुर क्षेत्र के ग्राम गाजीपुर में जमीन विवाद को लेकर अवैध शस्त्रों से फायर करने के दो आरोपी सौरभ पाल उर्फ जीतपाल तथा अंकित की अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज

जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि थाना दिबियापुर के उप निरीक्षक शंभू दयाल को सूचना मिली की ग्राम गाजीपुर में दिनांक 19 अप्रैल 2020 को कंडा पाथने वाली जमीन को लेकर लड़ाई झगड़ा किया जा रहा है। जिसमें दो पक्षकार अवैध शास्त्रों से फायर कर रहे हैं। इससे लोगों में काफी दहशत व अफरा-तफरी मची है। पुलिस ने कई लोगों को मौके पर गिरफ्तार किया।

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विवेचना में पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए सौरभ पाल पुत्र श्याम सिंह निवासी हरि का पुरवा तथा अंकित पुत्र महिपाल सिंह निवासी बिरिया ने शस्त्र न्यायालय में अपने को निर्दोष बताते हुए अग्रिम जमानत की याचिका की। डीजीसी अभिषेक मिश्रा ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद सत न्यायाधीश डॉ दीपक स्वरूप सक्सेना ने आरोपी सौरभ पाल उर्फ जीत पाल तथा अंकित का अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।

नाबालिग को भगाने के आरोपी को नहीं मिली जमानत

वहीं एक अन्य मामले में कोतवाली क्षेत्र से एक नाबालिक लड़की का बहला-फुसलाकर अपहरण करने व उसे विवाह करने के लिए उत्प्रेरित करने के आरोपी कुलदीप निवासी हरि का पुरवा थाना दिबियापुर का प्रार्थना पत्र न्यायाधीश ने निरस्त कर दिया। जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा के अनुसार वादिनी ने कोतवाली में रिपोर्ट लिखाई कि दिनांक 6 जून 2020 की रात्रि 2 बजे आरोपी 16 वर्षीय लड़की को बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया है।

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आरोप है कि वह घर की सेफ में रखे जेवरात व नगदी साथ ले गया। 17 जून से जेल में निरुद्ध आरोपी कुलदीप ने सत्र न्यायालय में जमानत हेतु याचिका प्रस्तुत की। दोनों पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ दीपक स्वरूप सक्सेना ने कुलदीप की जमानत याचिका खारिज कर दी।

रिपोर्ट-  प्रवेश चतुर्वेदी