इस प्रसिद्ध शिव मंंदिर में पहली बार भगवान भोले के दर्शन नहीं कर पाएंगे भक्त

जिले में अब तक 102 संक्रमित स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं । जिले में अब एक्टिव केस की संख्या 71 हो गई है। जबकि संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2 है।

बलिया: जिले के बसन्तपुर स्थित सरकारी अस्पताल से अस्पताल कर्मियों को झांसा देकर फरार हुए कोरोना रोगी के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है । जिले में आज जिला कोषागार के एक कर्मचारी व एक शिक्षक समेत तीन व्यक्ति कोरोना रोगी मिले। उधर पहली बार श्रावण मास में कोरोना के चलते जिले में आस्था के सबसे बड़े केंद्र बाबा बालेश्वरनाथ के भक्तों को मायूस होना पड़ रहा है।

जिले में जारी कोरोना का कहर

जिले में आज कोरोना के तीन नये रोगी मिले हैं। जिला मुख्यालय पर कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है। आज मिले रोगियों में दो बलिया शहर के कृष्णानगर और राजेन्द्र नगर के हैं। राजेन्द्र नगर निवासी संक्रमित जिला कोषागार बलिया मे चतूर्थ क्षेणी का कर्मचारी हैं। एक अन्य संक्रमित परिषदीय स्कूल में शिक्षक है। जिला कोषागार के कर्मचारी के संक्रमित होते ही अफरातफरी मच गई। आननफानन में जिला कोषागार को आज बन्द कर प्रांगण में दवाओं का छिड़काव कराया गया। जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 173 हो गयी है। इसके अलावा 15 ऐसे केस है , जो जिले से बाहर प्राइवेट लैब से पॉजिटिव आये हैं। वह बलिया में नही हैं। जिले में अब तक 102 संक्रमित स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं । जिले में अब एक्टिव केस की संख्या 71 हो गई है।

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कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या दो है। इस बीच बसन्तपुर स्थित एल 1 सरकारी अस्पताल से कल अस्पताल कर्मियों को झांसा देकर फरार हुए रेवती इलाके का रहने वाले एक युवक के विरुद्ध आज सुखपुरा थाना में भारतीय दंड विधान व महामारी अधिनियम की सुसंगत धारा में नामजद मुकदमा दर्ज हो गया है। पुलिस फरार कोरोना रोगी की तलाश कर रही है। रेवती नगर पंचायत में नामित सभासद तथा भाजपा का स्थानीय नेता बताये जा रहे इस युवक की तलाश में फिलहाल पुलिस को निराशा ही हाथ लगी है। इस युवक के अपना मोबाइल बन्द करने व इसका उपयोग न करने से उसका लोकेशन पता करना पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया है। यह युवक गत 2 जुलाई को टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन द्वारा जिले के बसन्तपुर स्थित एल 1 सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अव्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन में हरकत

सरकारी अस्पताल से फरार होने के बाद भोला ने फिर फेसबुक पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया है। इस वायरल वीडियो में उसने कहा है कि उसे प्रशासन से प्राण का खतरा है तथा साजिश के तहत उसे आजमगढ़ ले जाने की साजिश की जा रही है। उसने अपने फरार होने की जानकारी देते हुए कहा है कि वह पृथक एकांतवास पर है। इस बीच बसन्तपुर स्थित एल 1 सरकारी अस्पताल में दुर्व्यवस्था की शिकायत को लेकर लगातार हो रही छीछालेदर के बाद जिला प्रशासन आज हरकत में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एल-1 फैसिलिटी सेंटर पहुंचे संयुक्त मजिस्ट्रेट विपिन जैन ने अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए रोगियों से लेकर अस्पताल कर्मियों से बातचीत की।

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जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट श्री जैन आज सुबह ही एल-1 फर्टिलिटी सेंटर बसंतपुर व शांति अस्पताल पहुँचे। वे बकायदा पीपीई किट व सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर अस्पताल के अंदर गए और एक-एक मरीजों से बातचीत की। उन्होंने भोजन-पानी और साफ सफाई की व्यवस्था के संबंध में प्रभारी से पूछताछ की। उन्होंने वहां लगाए गए सभी स्वीपर को साफ-सफाई पर ध्यान देने का निर्देश दिया। इसके साथ हो वहां दो अतिरिक्त स्वीपर भी लगाए। इसके अलावा वहां की भोजन पानी से जुड़ी व्यवस्था को बदलते हुए ऐसी व्यवस्था की कि अब मरीजों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन मिलेगा। भ्रमण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट ने मरीजों से भी बातचीत की।

कोरोना के चलते नहीं होंगे बाबा बालेश्वरनाथ के दर्शन

सावन माह के पहले से ही कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए घोषित लॉकडाउन के कारण बाबा बालेश्वरनाथ के मंदिर के इतिहास में यह पहली बार होगा कि पवित्र सावन माह में भोलेनाथ अपने भक्तों को लाइव दर्शन नहीं देंगे। इससे शिवभक्तों में मायूसी है। श्रद्धालु घरों में ही शिव की आराधना करेंगे। हालांकि मंदिर कमेटी के द्वारा फेसबुक लाइव के जरिए बाबा बालेश्वरनाथ के दर्शन की व्यवस्था की गई है। बाबा बालेश्वरनाथ मंदिर के प्रबंधक अजय चौधरी ने कहा है कि श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर सावन मास के लिए सज-धज कर तैयार है। कोविड-19 के चलते श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर श्रावण मास में बंद रहेगा।

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बलिया शहर में पूर्णबन्दी है। उन्होंने भक्तजनों से अपील किया है कि अपने घरों से ही बाबा को याद कर लें। सावन माह में शिव मंदिरों पर शिवभक्तों की उमड़ने वाली भीड़ की आस पूजन सामग्री बेचने वालों को महीनों से रहती है। इस बार कोरोना के कारण मंदिर बंद हैं, लिहाजा बालेश्वरनाथ मंदिर व अन्य मंदिरों के सामने फूल आदि सामग्री बेचने वालों के चेहरे मायूस दिख रहे हैं। इक्का-दुक्का सड़कों के किनारे बैठे भी हैं तो लोग कोरोना के भय से घरों से बाहर नहीं निकल रहे तो उनकी बिक्री नहीं हो या रही। जबकि बेलपत्र, कमल के फूल, दूब, शहद व दूध आदि सामग्री बेचने के लिए सैकड़ों लोग मंदिरों के बाहर बैठे रहते थे।

रिपोर्ट- अनूप कुमार हेमकर

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