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बस्ती: रेलवे की वेबसाइट हैक करने वाला गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम

गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ में बताया कि वर्ष 2017 में इसने पुणे सॉफ्टवेयर रेड मिर्ची नाम से तैयार किया तथा यूट्यूब पर वीडियो बनाकर लोग लोगों को जोड़ने लगा।

Chitra Singh

Chitra SinghBy Chitra Singh

Published on 23 Feb 2021 2:11 PM GMT

बस्ती: रेलवे की वेबसाइट हैक करने वाला गिरफ्तार, 50 हजार का था इनाम
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बस्ती: पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब देश के कई एजेंसियां लगी थी। रेलवे टिकट हैकर को पकड़ने के लिए लगी थी। बस्ती पुलिस और गोडा की आरपीएफ द्वारा बैंगलोर हवाई अड्डे पर हामिद को गिरफ्तार कर लिया गया। हामिद दुबई से बैंगलोर आ रहा था।

टिकट हैकर गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक बस्ती हेमराज मीणा ने बताया कि बस्ती पुलिस और रेलवे पुलिस गोंडा की संयुक्त टीम टीम ने बैंगलोर एयरपोर्ट पर टिकट हैकर मुख्य अभियुक्त हामिद गिरफ्तार कर बस्ती लाया गया। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ में बताया कि 2012 और 13 में बेस्ट मंत्रा कम्युनिटी बस्ती से शेयर मार्केट का कार्यकर्ता था। इस कार्य के दौरान इसका संपर्क लल्लू निवासी गांधीनगर थाना कोतवाली बस्ती से हुआ। इससे टी सिस्टम सॉफ्टवेयर वर्ष 2014 में खरीदा जो 2 या 3 महीने में बंद हो गया। इसके बाद वह वर्ष 2014 में फैजाबाद निवासी धर्मेंद्र उर्फ विक्की के संपर्क में आया तथा उससे थंडरवर्ल्ड सॉफ्टवेयर लिया।

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ब्लैक टी यस सॉफ्टवेयर

इस सॉफ्टवेयर को क्रक करके इनसे यह जानकारी दी गई कि सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है। इस दौरान बस्ती में रहकर आईटीआई वह कंप्यूटर का प्रशिक्षण कार्य भी सीखा तथा इस दौरान कोल्ड्रिंक का कार्य भी सीखा। 2014 ,15 में इसने अपने एक सॉफ्टवेयर ब्लैक टी यस तैयार किया। इसी मामले में वर्ष 2016 में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कर इसे जेल भेजा गया।

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रेड मिर्ची नाम से तैयार किया सॉफ्टवेयर

वर्ष 2017 में इसने पुणे सॉफ्टवेयर रेड मिर्ची नाम से तैयार किया तथा यूट्यूब पर वीडियो बनाकर लोग लोगों को जोड़ने लगा। इस दौरान इसका संपर्क योगेंद्र विश्वकर्मा मनोज महतो महमूद अहमद सत्यवान उपाध्याय उर्फ बाबा अतीक रिजवी आदि लोगों से हुआ। कुछ समय बाद जब रेड मिर्ची सॉफ्टवेयर कई जगह पकड़ा गया तो उसने इसका नाम बदलकर या नहीं या मैं anms कर दिया।

सॉफ्टवेयर से जुड़े कई ग्राहक

वर्ष 2018 19 में इस सॉफ्टवेयर के काफी ग्राहक इससे जुड़े तथा इनसे प्रति सॉफ्टवेयर ₹1000 से ₹1500 की दर से सुपर सेल व सेल के माध्यम से बेचा और कमीशन की धनराशि विभिन्न फर्जी पोर्टल अकाउंट व नगद धनराशि के रूप में प्राप्त किया। इनके लिए इनसे सुपर सेल स्टांप मोस्ट सॉफ्ट इंडिया हमास पोर्टल का उपयोग किया गया। वर्ष 2019 में जनपद गोंडा के थाना खोडारे में अभियोग में नामित होने के उपरांत यह सऊदी अरब भाग गया। वहीं जनवरी 2020 तक व्यवसाय से ऑनलाइन सम्मिलित रहा। वह जनवरी 2020 में इस शब्द को बंद कर दिया गया।

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100 करोड़ की अवैध संपत्ति

पूछताछ में उसने यह भी बताया कि मैं कक्षा 12 तक शिक्षा कप्तानगंज बस्ती से प्राप्त किया। इसके उपरांत आईटीआई वर्ष 2010 में कंप्यूटर का प्रशिक्षण बाद में नवी मुंबई से कंप्यूटर साइंस का 1 साल का कोर्स वापिस हैकिंग का कार्य सीखा। इसके द्वारा व्यवसाय में निम्नलिखित जबकि देश में औऱ बस्ती जिले में लगभग 100 करोड़ की संपत्ति खरीद कर अवैध तरिके बनाया । मुंबई में कई फ्लैट भी खरीदा।

रिपोर्ट- अमृतलाल

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