औरैया हादसे में बड़ी कार्यवाई, उपनिरीक्षक सहित निलंबित हुए ये सात सिपाही

शनिवार की सुबह एक पुट्टी लदे ट्राला पर मजदूर सवार थे और जो सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिसमें 26 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी परिपेक्ष में पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीति द्वारा कड़ा कदम उठाते हुए एक उपनिरीक्षक सहित सात सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।

Published by SK Gautam Published: May 17, 2020 | 5:55 pm
Modified: May 17, 2020 | 5:59 pm

औरैया: बीती शनिवार की सुबह मार्ग दुर्घटना में 26 मजदूरों की मौत हो जाने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा एक कड़ा कदम उठाया गया। जिसमें उन्होंने एक उपनिरीक्षक सहित सात सिपाहियों को निलंबित करने की कार्रवाई की है। जिसमें उनके द्वारा की गई कार्रवाई को निराधार मानते हुए लगातार टोल प्लाजा से गुजरने वाले माल वाहनों पर सवार होकर निकल रहे यात्रियों के होने पर कार्रवाई की गई है।

बताते चलें कि वर्तमान समय में पूरे देश में लॉक डाउन चल रहा है जिससे केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा राजमार्गों पर आवागमन अवरुद्ध कर दिया गया है। मगर उसके उपरांत प्रवासी मजदूर अपने अपने साधनों से घर पहुंचने के लिए जुगत भिड़ाए हुए हैं।

सड़क हादसे में  26 लोगों की गई थी जान

इसी संदर्भ में शनिवार की सुबह एक पुट्टी लदे ट्राला पर मजदूर सवार थे और जो सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिसमें 26 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी परिपेक्ष में पुलिस अधीक्षक सुश्री सुनीति द्वारा कड़ा कदम उठाते हुए एक उपनिरीक्षक सहित सात सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।

ये भी देखें: मीडिया ने मनोबल को बढाया, उद्योग को पैकेज दे सरकार

जारी किए गए प्रेस नोट में बताया गया है कि एक डीसीएम और राजस्थान से आ रहे एक ट्राला में टक्कर हो गई। जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई तथा 31 अन्य लोग घायल हो गये। जिनका उपचार सैफई में चल रहा है। घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक ने जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित को कमान सौंपी थी।

जांच के दौरान पाया गया कि प्रवासी श्रमिक थाना समीपवर्ती अजीतमल स्थित अनंतराम टोल से होकर आए थे। जहां पर ड्यूटी में पुलिस के उपनिरीक्षक रामजीत सिंह, मुख्य आरक्षी पुत्तू लाल, शिवपाल, आरक्षी विजय सिंह, प्रवीण कुमार, शेखर, सिद्धार्थ व अंशु तैनात थे। जिनके द्वारा टोल पर प्रभावी चेकिंग नहीं गई की गई। जिससे वाहन माल व श्रमिकों को लेकर गुजरते रहे। जिससे दुर्घटना ऐसी उत्पन्न हो गई और इतनी बड़ी जनहानि हो गई। इससे पुलिस की छवि धूमिल हुई है। इसलिए उन्होंने पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं।

ये भी देखें: यहां तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस, 24 घंटे में दोगुनी हो रही मरीजों की संख्या 

यदि यह कार्रवाई पहले हो जाती तो न जाती इतनी जानें

शनिवार को हुए हादसे के दौरान 26 लोग अकारण मौत की गोद में समा गई। यदि जिला प्रशासन टोल से गुजरने वाले वाहनों में थोड़ा भी रोक करती तो शायद यह घटना इतनी बड़ी नहीं होती। मगर जनपद औरैया का पुलिस प्रशासन अपनी बला टालने के लिए टोल से गुजरने वाले वाहनों को सीधे ही निकाल देते थे। घटना हो जाने के बाद पुलिस प्रशासन की नींद टूटी और उन्होंने अपना पल्ला झाड़ने के लिए कुछ लोगों पर कार्रवाई करते हुए अपनी पीठ थपथपा ने का काम किया है।

यही नहीं इससे पूर्व समाचार पत्र के माध्यम से कई बार अवगत कराने का प्रयास किया गया कि आखिरकार इतनी बड़ी संख्या में बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यह प्रवासी मजदूर कैसे जनपद की सीमा को क्रॉस कर रहे हैं। मगर इस और जिला प्रशासन ने आज तक ध्यान नहीं दिया और जब यह घटना हो गई तो पुलिस प्रशासन द्वारा कुछ लोगों पर कार्रवाई करते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया गया।

ये भी देखें: खाते में आए करोड़ों: 12 लाख लोगों को हुआ ऐसे लाभ, वित्त मंत्री ने दी जानकारी

भाजपा सरकार ने ली 26 मजदूरों की जान : कांग्रेस

औरैया: शनिवार की सुबह सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत हुई दुर्घटना में 26 मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिववीर दुबे ने बताया कि आखिरकार भाजपा सरकार क्या कर रही थी कि उन्हें यह नहीं दिखाई दे रहा था कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर ट्रकों पर सवार होकर नेशनल हाईवे से गुजर रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों के इस तरह हाईवे से गुजरना कोई नई बात नहीं है और सबसे बड़ी बात यह है कि यह विभिन्न जनपदों से गुजरकर यहां तक कैसे पहुंचे।

ये भी देखें: मजदूरों का हंगामा शुरू: गुस्से में मचाया बवाल, जमकर की तोड़फोड़

आखिर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा कोई ध्यान क्यों नहीं दिया गया ? जब यह जाने चली गई तो केंद्र व प्रदेश सरकार की नींद टूटी। बताया कि मृतक मजदूर भरतपुर से ₹130000 भाड़े में एक ट्रक की बुकिंग कर अपने घरों की ओर निकले थे। उन्हें यह पता नहीं था कि यह हादसा हो जाएगा और वह घर तक नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार की कड़ी निंदा की।