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दिवाली पर प्रकृति का तोहफा: जमकर बरसे बादल, प्रदूषण से मिली राहत

राजधानी लखनऊ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पटाखों पर लगाई गई रोक के बावजूद हुई आतिशबाजी से यहां प्रदूषण बढ़ा तो लेकिन प्रकृति द्वारा दीपावली पर राहत का तोहफा के तौर पर हुई बारिश ने प्रदूषण की मात्रा को कम कर दिया।  

Monika

MonikaBy Monika

Published on 16 Nov 2020 5:38 AM GMT

दिवाली पर प्रकृति का तोहफा: जमकर बरसे बादल, प्रदूषण से मिली राहत
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दीपावली पर प्रकृति का तोहफाः बारिश ने धोया आतिशबाजी से बढ़ा प्रदूषण, मिली राहत
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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा पटाखों पर लगाई गई रोक के बावजूद हुई आतिशबाजी से यहां प्रदूषण बढ़ा तो लेकिन प्रकृति द्वारा दीपावली पर राहत का तोहफा के तौर पर हुई बारिश ने प्रदूषण की मात्रा को कम कर दिया।

दीपावली पर हुई आतिशबाजी

राजधानी लखनऊ में एनजीटी की रोक के बावजूद शनिवार को दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद अगली सुबह रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक, रिहाइशी इलाकों अलीगंज में 317 और गोमती नगर में 297, व्यवसायिक इलाकों लालबाग और हजरतगंज में 390 तथा औद्योगिक इलाके तालकटोरा में 393 था। जबकि रविवार रात में हुई बारिश के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक, रिहाइशी इलाकों अलीगंज में 224 और गोमती नगर में 210, व्यवसायिक इलाकों लालबाग और हजरतगंज में 328 तथा औद्योगिक इलाके तालकटोरा में 326 पर पहुंच गया है।

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यूपी जहरीली हवा कि मामलें में टाप

यूपी में जहरीली हवा कि मामलें में टाप पर रहने वाले सोमवार को सुबह 9ः00 बजे आगरा के संजय प्लेस में वायु गुणवत्ता सूचकांक 205 रहा तो गाजियाबाद के लोनी व संजयनगर में 326 और वसुंधरा में 224 रहा। इस दौरान ग्रेटर नोएडा के नालेज पार्क-3 में एक्यूआई 298 तथा नालेज पार्क-5 में 306 रहा। नोएडा में सेक्टर 125 में एक्यूआई 297, सेक्टर 62 में 315, सेक्टर-1 में 317 तथा सेक्टर-116 में 320 रहा। मेरठ में सोमवार सुबह एक्यूआई लेवल गंगा नगर में 154 रहा। इसी तरह कानपुर में नेहरू नगर में सुबह 9ः00 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 246 रहा। बागपत के न्यू कलेक्ट्रेट में 211, बुलंदशहर के यमुनापुरम में 299, हापुड़ में 221, मुरादाबाद के लाजपत नगर में 295, मुजफ्फर नगर की नई मंडी में 168 तथा वाराणसी के अर्दली बाजार में 242 रहा।

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बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ

बता दे कि यूपी में राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब और खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा था। हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही थी। हालात यह हो गए थे कि हवा में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत होने लगी और राजधानी लखनऊ को स्मॉग ने अपनी गिरफ्त में ले लिया।

मनीष श्रीवास्तव

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