CAA पर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त, चौराहों पर लगाये ऐसे पोस्टर

सीएए का विरोध करना प्रदर्शनकारियों को भारी पड़ रहा है। गुरुवार को बेनियाबाग में प्रदर्शन के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए 32 नामजद और 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया है।

वाराणसी: सीएए का विरोध करना प्रदर्शनकारियों को भारी पड़ रहा है। गुरुवार को बेनियाबाग में प्रदर्शन के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए 32 नामजद और 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया है।

चौराहों पर लगे ऐसे पोस्टर

जिले में धारा 144 लागू होने के बाद भी गुरुवार को चौक थाना अंतर्गत बेनियाबाग क्षेत्र में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में कुछ मुस्लिम महिलाओं ने प्रदर्शन किया था।

इसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव भी किया था। इस मामले में चौक पुलिस ने धारा 147,148,149,188,114,120(B),332,353 व 7 सीएल एक्ट के तहत 32 नामजद प्रदर्शनकारियों समेत 400-500 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया।

जिसमें 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। साथ ही 19 लोगों को चिन्हित कर उनके पोस्टर जारी कर दिए गए है। जिनका पता बताने वाले का नाम गोपनीय रखते हुए उन्हें 5000 का इनाम दिए जाने की घोषणा भी की गई है।

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लग सकता है रासुका

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने गुरुवार को ही कह दिया था कि प्रदर्शन के पीछे साजिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अगर आरोप साबित हुआ तो रासुका के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।

पुलिस ने बताया कि अन्य अज्ञात अभियुक्तों को चिन्हित करने की कार्यवाही की जा रही है। चिन्हित करने के उपरान्त गिरफ्तारी कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जायेगी।

लखनऊ में भी प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक धारा 144 लागू होने के बाद भी लोग इसका उल्लंघन कर रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शुक्रवार को भी महिलाएं राजधानी के ऐतिहासिक स्थल हुसैनाबाद स्थित घंटाघर के सामने प्रदर्शन में डटी रहीं।

मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मौलाना कल्बे सादिक साहब पहुंचे। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। मुल्‍क में नफरत, जुल्‍म का माहौल बना दिया गया है। मैं यहां कि दिलेर ख्‍वातिन को मुबारकबाद देता हूं।

रात को यहां की लाइट काट देना ज्‍यादती का सबूत है। शांतिपूर्ण विरोध हमारा अधिकार है। किसी से भी डरने की जरूरत नहीं है। बस शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन जारी रखें। जुल्‍म और अत्‍याचार की हुकूमत ज्‍यादा दिन टिक नहीं सकती है। यहां जनतंत्र है, तनाशाही नहीं। बताते चले कि मौलाना कल्बे सादिक साहब दो सालों से बीमार चल रहे।

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250 से अधिक के खिलाफ केस दर्ज

महिलाओं के प्रदर्शन करने के मामले में अलीगढ़ के बाद लखनऊ में केस दर्ज किया गया है। लखनऊ में 250 से अधिक लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें तीन नामजद हैं। लखनऊ में सीएए और एनआरसी के खिलाफ बिना अनुमति के घंटाघर पर सप्ताह भर से चल रहे धरने में गुरुवार को बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न संगठन के लोगों के साथ शामिल हुईं।

पुरुष भी आसपास खड़े होकर धरने की अगुवाई कर रहे थे। एडीसीपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि यहां धरने में शामिल 400 से अधिक महिलाओं और पुरुषों को नोटिस दिया जा चुका है। जिसमें साफतौर से कहा गया है कि धरना-प्रदर्शन अवैध है और इससे घंटाघर आने वाले पर्यटकों को भी असुविधा हो रही है।

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