लॉकडाउन में कर रहे थे अनाज की ब्लैक मार्केटिंग, हुई ऐसी कार्रवाई, रखेंगे याद

बनारस की जनता को राहत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था शुरू की गई। लेकिन भ्रष्टाचार के दीमक ने इस व्यवस्था में भी सेंधमारी कर दी है।

वाराणसी: बनारस की जनता को राहत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था शुरू की गई। लेकिन भ्रष्टाचार के दीमक ने इस व्यवस्था में भी सेंधमारी कर दी है। इसकी हकीकत तब सामने आई जब जिले के डीएम और एसएसपी ने काशी विद्यापीठ के विपणन केंद्र के गोदाम पर छापा मारा। जिस अनाज को लॉकडाउन में आम लोगों में बांटा जाना था, दलालों ने उसे ब्लैक करने की तैयारी कर रहे थे।

कोटेदार को भिजवाया जेल

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने काशी विद्यापीठ विकासखंड के विपणन केंद्र के गोदाम से डोर स्टेप डिलीवरी के नाम पर खाद्यान्न की कालाबाजारी किए जाने की शिकायत पर गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी संग मारा छापा। इस दौरान उन्होंने गोदाम से डोर स्टेप डिलीवरी की रसीद पर खाद्यान्न निकाल कर काला बाजारी की जा रही थी।

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खाद्यान्न लदी हुई गाड़ी सं UP65 DT 5450 (ड्राइवर- रवि) पकड़ी गयी। जिसमें 100 कुन्टल से अधिक खाद्यान्न लदा था। जिलाधिकारी ने कोटेदार को आज ही गिरफ्तार करने और ठीकेदार कैलाश पटेल और ट्रक ड्राईवर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया।

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गोदाम में गायब थे सीसीटीवी कैमरे

जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंच कर पूछताछ की और गोदाम का निरीक्षण किया। गोदाम में सीसीटीवी कैमरे नहीं पाये गये। गोदाम प्रभारी से स्टाक के बारे पूछे जाने पर वह मूकदर्शक बना रहा और जानकारी नहीं दे सका। उन्होंने डिप्टी आरएमओ को निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अन्दर सभी 9 गोदामों में कैमरे लगाये जायें। इस दौरान गोदाम के निकट स्थित फ्लोर मिल का भी निरीक्षण किया।