ललित वर्मा हत्याकांड की जांच को सीबीआई ने 24 घंटे से डाला डेरा

धूमनगंज के जेवरात कारोबारी ललित वर्मा की अज्ञात अपराधियों ने दो फरवरी 2016 की रात में सिविल लाइंस क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में तीन फरवरी 2016 को मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

लखनऊ: सीबीआई के अधिकारी प्रयागराज के सिविल लाइंस में हुए ललित वर्मा हत्याकांड की जांच के लिए बीते 24 घंटे से शहर में डेरा डाले हुए हैं। टीम ने मृतक के परिजनों से सम्पर्क किया और वारदात की सच्चाई तक पहुंचने के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। हत्याकाण्ड के मामले में आरोपों की जांच के लिए पूर्व विधायक पूजा पाल समेत सभी आरोपितों से पूछताछ कर सकती है।

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पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था

धूमनगंज के जेवरात कारोबारी ललित वर्मा की अज्ञात अपराधियों ने दो फरवरी 2016 की रात में सिविल लाइंस क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में तीन फरवरी 2016 को मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उक्त हत्याकण्ड के मामले में पूर्व बसपा विधायक पूजा पाल, उनके भाई समेत सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

पुलिसियां जांच के दौरान विधायक पर लगाया गया आरोप साबित नहीं हो पाया। पुलिस की कार्य प्रणाली से क्षुब्ध पीड़ित परिवार ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पूरे मामले को गंभीरता से सुनने के बाद न्यायालय ने ललित हत्याकांड की सीबीआई जांच के निर्देश दिया।

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अदालत के निर्देश पर सीबीआई ने एक सप्ताह पूर्व बसपा की पूर्व विधायक पूजा पाल समेत सात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी और इसी क्रम में सीबीआई के अधिकारी मंगलवार को शहर में पहुंचे और जांच की।

टीम ने पहले पीड़ित परिवार के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और हत्याकाण्ड से सम्बंधित पीड़ित परिवार से मिली। सिविल लाइंस व धूमनगंज पुलिस की संदिग्ध भूमिका को भी परखा। सीबीआई के अधिकारी हत्याकाण्ड से सम्बन्धित दस्तावेज भी खंगाले और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

इस मामले में पूर्व विधायक पूजा पाल का कहना है कि सीबीआई की जांच में टीम के अधिकारियों का हम पूरा सहयोग करेंगे। उन्हें भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा। हमारा मृतक के परिवार से कोई विवाद नहीं है।