लाकडाउन-5 में केंद्र व राज्य सरकारे करें ज्यादा गंभीरता से काम: मायावती

बसपा सुप्रीमों मायावती ने सोमवार को टवी्ट करके कहा है कि नेपाल ने अपने देश का नया नक्शा तैयार करके उसमें कालापानी सहित भारत के 370 किमी. क्षेत्र पर अपना दावा ठोक कर भारत को निश्चित ही नई दुष्कर स्थिति में डाल दिया है। ऐसे में पड़ोंसी देश नेपाल के इस अनापेक्षित कदम पर केंद्र की सरकार को जरूर गंभीरतापूर्वक सोच-विचार करना चाहिए।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने केंद्र सरकार को नेपाल के नए नक्शे और इस पर उत्पन्न हुई स्थितियों के प्रति केंद्र सरकार को आगाह किया है। इसी के साथ बसपा सुप्रीमों ने कोरोना महामारी के कारण जारी लाकडाउन-5 में केंद्र व राज्य सरकारों को और ज्यादा गंभीरता से काम करने की सलाह दी है।

नेपाल द्वारा नया नक्शा जारी करने पर मायावती ने केंद्र को किया आगाह

बसपा सुप्रीमों मायावती ने सोमवार को टवी्ट करके कहा है कि नेपाल ने अपने देश का नया नक्शा तैयार करके उसमें कालापानी सहित भारत के 370 किमी. क्षेत्र पर अपना दावा ठोक कर भारत को निश्चित ही नई दुष्कर स्थिति में डाल दिया है। ऐसे में पड़ोंसी देश नेपाल के इस अनापेक्षित कदम पर केंद्र की सरकार को जरूर गंभीरतापूर्वक सोच-विचार करना चाहिए।

मायावती ने एक अन्य टवी्ट में कोरोना महामारी के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को सलाह देते हुए कहा है कि देश में कोरोना महामारी से पीड़ितों व उससे बढ़ती मौतों की चिन्ताओं के बीच 69वें दिन लाकडाउन-5 कुछ छूट के साथ प्रारम्भ हो गया है। जो 30 जून तक चलेगा। जबकि अभी भी पूरा देश कोरोना की मार से त्रस्त है तो ऐसे में केंद्र व राज्य सरकारों को और भी ज्यादा गंभीर होने की जरूरत है।

ये भी देखें: अब होगी सस्ती जांच: बस देने होंगे इतने रुपए, इस अस्पताल ने बनाई किट

मजबूर प्रवासी श्रमिकों की बदहाली मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया के सामने

बता दे कि कोरोना महामारी के दौरान बसपा सुप्रीमों लगातार केंद्र व राज्य सरकारों को आगाह कर रही है। मायावती ने बीते गुरुवार को ट्विट  किया था कि जिस प्रकार लाकडाउन से पीड़ित व घर वापसी को लेकर मजबूर प्रवासी श्रमिकों की बदहाली व रास्ते में उनकी मौत आदि के कड़वें सच मीडिया के माध्यम से देश-दुनिया के सामने है।

ये भी देखें: दिल्लीवासियों को मिलेंगी ये सहूलियतें, पाबंदी हटी लेकिन बॉर्डर सील

वह पुनःस्थापित करते है कि केंद्र व राज्य सरकारों को इनकी बिल्कुल भी चिन्ता नहीं है, यह अति दुखद है। गुरुवार को ही एक अन्य टव्टि में उन्होंने कहा था कि देश में लाकडाउन के आज 65वें दिन यह थोड़ी राहत की खबर है कि न्यायालयों ने कोरोनावायरए की जांच व इलाज में सरकारी अस्पतालों की बदहाली, निजी अस्पतालों की उपेक्षा व मौतों के सम्बन्ध में केंद्र व राज्य सरकारों से सवाल जवाब शुरू कर दिया है।