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बाल सुधार: छोटे अपराध में शामिल बच्चों को रिहा करवा, मुख्यधारा में लाने की पहल

आयोग की सदस्य प्रीति वर्मा आज सबसे पहले बाल सुधार गृह पहुंचे जहां उन्होंने बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विकास भवन में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके खास दिशा निर्देश दिए। आयोग की सदस्य प्रीति वर्मा ने कहा है कि बाल सुधार गृह में कई ऐसे बच्चे बंद है जिन के अपराध बेहद छोटे हैं ।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 31 July 2019 3:07 PM GMT

बाल सुधार: छोटे अपराध में शामिल बच्चों को रिहा करवा, मुख्यधारा में लाने की पहल
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शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य प्रीति वर्मा शाहजहांपुर पहुंची। जहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ एक खास मीटिंग की । उनका कहना है कि बाल सुधार गृह में बंद छोटे अपराध वाले बच्चों को जल्द ही रिहा करके उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया जाएगा । आयोग ऐसे बच्चों की पैरवी करके जल्द ही उनकी रिहाई सुनिश्चित कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करेगा।

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आयोग की सदस्य प्रीति वर्मा आज सबसे पहले बाल सुधार गृह पहुंचे जहां उन्होंने बाल सुधार गृह का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने विकास भवन में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके खास दिशा निर्देश दिए। आयोग की सदस्य प्रीति वर्मा ने कहा है कि बाल सुधार गृह में कई ऐसे बच्चे बंद है जिन के अपराध बेहद छोटे हैं ।

लेकिन उन्हें बड़े अपराध करने वाले बच्चों के साथ में रहना पड़ रहा है । ऐसे में जल्द ही छोटे अपराध में शामिल बच्चों को रिहैबिटेट करने के लिए आयोग पैरवी करके उन्हें रिहा करवाएगा और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करवाएगा।

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इस दौरान उन्होंने जिला महिला अस्पताल का भी निरिक्षण किया। उनको निरिक्षण के दौरान अस्पताल मे भारी कमियां मिली है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल मे कुछ भी ठीक नही है। उसकी रिपोर्ट बनाकर आयोग को सौंपी जाएगी।

इस दौरान उनको शिकायत मिली कि जिला अस्पताल मे तैनात डाक्टर मरीजों को गंभीर बताकर उनको खुद के नीजी नर्सिंग होम भर्ती कर लेते है। इस शियकात को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने जांच के आदेश दिए है।

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