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आज 'गंगा यात्रा' का समापन नहीं बल्कि 'गंगा युग' का प्रारंभ है: योगी आदित्यनाथ

संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कल रात मुझे फर्रुखाबाद की घटना की जानकारी होने के बाद बेहद चिंता थी एक दरिंदेे न 23 बच्चोंं को बंधक बना रखा था लेकिन मां गंगा की कृपा से सभी बच्चे सकुशल बाहर निकाला है जिसके लिए मैं पुलिस फोर्स को बधाई देना चाहता हूं।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 31 Jan 2020 9:19 AM GMT

आज गंगा यात्रा का समापन नहीं बल्कि गंगा युग का प्रारंभ है: योगी आदित्यनाथ
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कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में दोनों ही गंगा यात्रा के समागम स्थल पर आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला गंगा बैराज के अटल घाट पर पहुंचा जहां पर पहले से मौजूद अन्य मंत्री पर विधायकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत व अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, कमलरानी वरूण, सुरेश राणा, सूर्य प्रताप शाही, बलदेव सिंह औलख समेत अन्य मंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल के साथ गंगा दर्शन किया और अटल घाट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा पूजन के साथ आरती भी की आरती व पूजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पूरी सरकार देखने को मिली।

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गंगा पूजन व आरती के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा स्थल के लिए रवाना हो गए और फिर जनसभा स्थल पर पहुंच उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यहां पर मौजूद सभी लोगों का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं और पांचों दिनों में इस यात्रा से जुड़कर इस यात्रा को आस्था और अर्थव्यवस्था का अभिनव संगम बनाया है मैं उन सभी गंगा भक्तों का हार्दिक स्वागत करता हूं। लेकिन गंगा यात्रा के पहले दिन मौसम बहुत खराब था पर यात्रा आरंभ होते ही मौसम ठीक होता गया। यह सब मां गंगा की कृपा है कि आज मौसम सुहावना हो गया है और हम मां गंगा के प्रति अपना धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं। उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि माँ,माटी और मनुष्यता के महात्म्य को अभिनंदित करने का पुण्य प्रयास है 'गंगा यात्रा'।

आज 'गंगा यात्रा' का समापन नहीं बल्कि 'गंगा युग' का प्रारंभ है

आज 'गंगा यात्रा' का समापन नहीं बल्कि 'गंगा युग' का प्रारंभ है। गंगा आराधना हेतु आस्था और अर्थव्यवस्था के समवेत स्वरों में रचित नव गीत के निर्माण की भावभूमि है 'गंगा यात्रा'। उन्होंने कहा कि आजीविका एवं आराधना के संगम से आकांक्षाओं की पूर्ति मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। पुरुषार्थ चतुष्टय का आदि आधार "माँ गंगा" की प्रदक्षिणा, 'गंगा यात्रा' उसी मोक्ष मार्ग के अन्वेषण का एक पड़ाव है। किंतु आप सभी श्रद्धालुओं का प्रयास एक दिन गंतव्य तक अवश्य पहुंचेगा।

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संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कल रात मुझे फर्रुखाबाद की घटना की जानकारी होने के बाद बेहद चिंता थी एक दरिंदेे न 23 बच्चोंं को बंधक बना रखा था लेकिन मां गंगा की कृपा से सभी बच्चे सकुशल बाहर निकाला है जिसके लिए मैं पुलिस फोर्स को बधाई देना चाहता हूं। और गंगा यात्रा में शामिल हुए सभी गंगा यात्रियों का हार्दिक अभिनंदन भी करता हूं।

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