सेनेटाइजर व मास्क को लेकर CMO ने दिया गैरजिम्मेदाराना बयान, कही ये बात

सेनेटाइजर का विकल्प पूछे जाने पर उन्होंने जवाब दिया कि अगर कहीं मास्क व सेनेटाइजर मिल रहा हो तो उन्हें बता दीजिए या उपलब्ध करा दीजिए। इस संवेदनशील समय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का यह बयान उनकी गजब की गंभीरता को प्रदर्शित करता है ।

Published by SK Gautam Published: March 21, 2020 | 3:56 pm
Modified: March 21, 2020 | 4:23 pm

अंबेडकरनगर: एक तरफ देश जहां कोरोना 19 से निपटने में अपनी पूरी ताकत लगा रहा है, केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार नए नए दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं वहीं जिले का स्वास्थ्य महकमा इतना बेपरवाह बना हुआ है कि उसे कब और किस प्रकार का जवाब देना है इसका भी भान नहीं रह गया है। बीते तीन दिनों में जिले के सीएमओ व अपर सीएमओ के ऐसे बयान सामने आ चुके हैं जो विभाग की मंशा को प्रदर्शित करते हैं।

मुंबई से लौटे एक व्यक्ति की बुखार से हुई मौत

दो दिन पूर्व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ए के गुप्ता से जब टांडा के निकट स्थित खासपुर गांव में एक व्यक्ति के संदिग्ध होने की जानकारी दी गई थी तब उन्होंने कहा कि इसके संबंध में वह क्या कर सकते हैं सीएमओ से बात करिए । अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्तर के इस अधिकारी का यह बयान कितना जायज है यह इसे खुद ही समझा जा सकता है।

इसके पूर्व टांडा के निकट भूलेपुर गांव में मुंबई से लौटे एक व्यक्ति की बुखार से हुई मौत की जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य महकमा रात भर कुम्भकर्णी नींद में सोता रहा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अशोक कुमार से जब इस संबंध में बताया गया तो उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह 10:00 बजे मौके पर जाएगी।

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स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह बेफिक्र

कोरोना जैसे संवेदनशील मामले में किसी भी प्रकार की जानकारी देने के बाद स्वास्थ्य महकमा उसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। सूचना के लगभग 17 घंटे बाद स्वास्थ विभाग की टीम भूलेपुर पहुंची थी तथा वृद्ध की मौत को हार्टअटैक से हुई मौत बताया था। जिले में सैनिटाइजर व मास्क की कमी के चलते लोग बेहद परेशान हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह बेफिक्र है।

क्या ऐसी ही तैयारियो से कोरोना से निपटेगा स्वास्थ्य विभाग

इसके साथ ही जनपद चिकित्सालय में कोरोना से सम्बंधित जानकारी देने के लिए आपातकालीन नंबर उपलब्ध कराया गया है लेकिन यह नंबर फोन मिलाने के बाद शायद ही कभी उठता हो । शनिवार को जब सेनेटाइजर व मास्क की कमी के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जानकारी चाही गई उन्होंने कहा कि मास्क की क्या आवश्यकता है मुंह में गमछा बांधकर काम चला लीजिए ।

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सीएमओ के गैर जिम्मेदार बयान से हर कोई हतप्रभ

सेनेटाइजर का विकल्प पूछे जाने पर उन्होंने जवाब दिया कि अगर कहीं मास्क व सेनेटाइजर मिल रहा हो तो उन्हें बता दीजिए या उपलब्ध करा दीजिए। इस संवेदनशील समय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी का यह बयान उनकी गजब की गंभीरता को प्रदर्शित करता है । हैरत की बात यह है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक के कारनामों के बावत जिलाधिकारी से शिकायत करने पर वह भी मौन हो जाया करते हैं।

ऐसे में इन दोनों अधिकारियों की शिकायत व उनके कारनामों के बारे में जानकारी किसे दी जाए इसको लेकर मीडिया से लेकर आम जनमानस भी परेशान है। फिलहाल जिले के स्वास्थ्य महकमे की जो स्थिति है वह कोरोना जैसे संवेदनशील मामले से निपट पॉयेगा,यह एक गंभीर विषय है।

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