×

योगी सरकार को गंगा यात्रा का नैतिक अधिकार नहीं: अजय कुमार लल्लू

उप्र. कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भाजपा की गंगा यात्रा को प्रदेश की जनता की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की, गंगा सफाई सिर्फ कागजों में हुई है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 27 Jan 2020 3:33 PM GMT

योगी सरकार को गंगा यात्रा का नैतिक अधिकार नहीं: अजय कुमार लल्लू
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

लखनऊ: उप्र. कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भाजपा की गंगा यात्रा को प्रदेश की जनता की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि चाहे केंद्र की सरकार हो या प्रदेश की, गंगा सफाई सिर्फ कागजों में हुई है।

नमामि गंगे, उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और जल शक्ति विभाग सहित अन्य विभागों ने गंगा सफाई के नाम पर हजारों करोड़ का भ्रष्टाचार किया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार को कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल(एनजीटी) की रिपोर्ट के अनुसार गंगा पहले से ज्यादा प्रदूषित हुई और हानिकारक कीटाणुओं की संख्या डेढ़ गुने से ज्यादा बढ़े। एनजीटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि आधे से ज्यादा घाटों पर गंगा आचमन लायक भी नहीं बची है।

योगी सरकार गंगा की सफाई के नाम पर सिर्फ दिखावा ही कर रही है। दिल्ली में अभी हाल ही में प्रधानमंत्री को दिए प्रजेंटेशन में उप्र. के कार्यवाहक मुख्य सचिव रहे आरके तिवारी ने स्वीकार किया है कि 27 नाले अभी भी गंगा में गिर रहे हैं, तो फिर सरकार किस मुंह से गंगा यात्रा निकाल रही है।

ये भी पढ़ें...कांग्रेस और आप दिल्ली को सुरक्षित नहीं रख सकते: अमित शाह

वाराणसी में भी कई नाले गंगा में बेरोकटोक समाहित हो रहे हैं: कांग्रेस

उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि जिन नालों को कागजों में बंद बताया गया है, वह भी बिजनौर से लेकर वाराणसी तक गंगा में गिर रहे हैं। इसका प्रमाण कानपुर का सीसामऊ नाला है। एक माह पहले ही यहां पर प्रधानमंत्री और देश के पांच मुख्यमंत्रियों ने बैठक की थी।

उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया था कि अब सीसामऊ नाला इतिहास बन गया है, लेकिन यही नाला फिर से गंगा की अविरल धारा को मैला कर रहा था। इसी तरह वाराणसी में भी कई नाले गंगा में बेरोकटोक समाहित हो रहे हैं। जबकि यह स्थिति तब है जब प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है।

प्रदूषित जल में लाखों श्रद्धालु जीवनदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर मोक्ष की आशा कर रहे हैं। सरकार इन श्रद्धालुओं के भावनाओं के साथ खेल रही है और उनके विश्वास को धोखा दे रही है।

उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की अकर्मण्यता का आलम यह है कि केन्द्र सरकार द्वारा नमामि गंगे के नाम पर आवंटित धनराशि का मात्र 20 प्रतिशत धन ही योगी सरकार खर्च कर पायी है, 80 प्रतिशत खर्च ही नहीं हो सका।

ये भी पढ़ें...अदनान ने कांग्रेस नेता को दिया करारा जवाब, कहा-‘तुमने यही सीखा है..शुभकामनाएं’

Aditya Mishra

Aditya Mishra

Next Story