कांग्रेस का फिर याद आने लगे ब्राम्हण

गौरतलब है कि पिछले दो महीने में कई ब्राम्हणों की हत्या हुई है| ब्राम्हण चेतना यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद सभी के घर जाएंगे। 9 अक्टूबर को बस्ती में छात्रनेता आदित्य तिवारी की हत्या हुई। 12 अक्टूबर को झांसी में आग लगाकर उदैनिया परिवार के 4 सदस्यो की हत्या कर दी गई।

श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ: पिछले तीन दशक से यूपी की सत्ता से दूर कांग्रेस को एक बार फिर ब्राम्हण याद आने लगे हैं। ब्राम्हण मुस्लिम और दलित के गठजोड से देश की आजादी के बाद सबसे ज्यादा समय तक यूपी की सत्ता को संभालने वाली कांग्रेस को अब लगने लगा है कि बिना इस बडे वोट बैंक को अपने पक्ष में किए यूपी की सत्ता हासिल नही ंकी जा सकती है। इसलिए ब्राम्हणों को अपने पक्ष में करने की रणनीति अपनाते हुए कांग्रेस ब्राम्हण चेतना यात्रा निकाल रही है है।

बिना ब्राह्मणों को पक्ष में किए ‘ मिशन 2022’ सफल नहीं हो सकता

इस वोट बैंक के सहारे कई सालों तक सत्ता अपने हाथ में रखने वाली कांग्रेस से यह वर्ग 1989 में मंदिर आंदोलन के बाद रूठ कर भाजपा के साथ हो गया लेकिन भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग के चलते 2000 के आस-पास जब इस वर्ग को लगा कि उसकी उपेक्षा हो रही है तो वह भाजपा से छिटक कर उससे अलग हो गया। लेकिन 2014 में मोदी को हिन्दुत्व बांड ब्राम्हणों को भा गया और ब्राम्हण वर्ग एक बार फिर भाजपा के साथ कदम से कदम मिला कर चल दिया। जिसके चलते भाजपा को केन्द्र और यूपी की सत्ता हासिल हुई। इसी को देखते हुए अब कांग्रेस को भी लग रहा है कि बिना ब्राह्मणों को अपने पक्ष में किए ‘उसका मिशन 2022’ सफल नहीं हो सकता है।

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कांग्रेस हाई कमान के रणनीति पर कांग्रेस के वरिष्ठ ब्राम्हण नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद मंगलवार से यूपी में ब्राह्मण चेतना यात्रा की शुरूआत कर चुके है। इस दौरान वह मैनपुरी में सुभाष चन्द्र पाण्डेय के घर गए जिनकी बेटी अनुष्का की संदिग्ध मौत हो चुकी है।

बीते 16 सितम्बर को मैनपुरी के भोगांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 11 में पढ़ने वाली सुभाष चन्द्र पांडेय की 16 वर्षीय बेटी अनुष्का पांडेय की संदिग्ध मौत हो गई थी। विद्यालय प्रशासन जहां छात्रा द्वारा फांसी लगाये जाने का दावा कर रहा था ।

उन ब्राह्मणों के घर जायेंगे, जिनके परिवार के किसी सदस्य की बीते दिनों हत्या कर दी गई है

पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ब्राह्मण चेतना यात्रा के जरिये उन ब्राह्मणों के घर जायेंगे, जिनके परिवार के किसी सदस्य की बीते दिनों हत्या कर दी गई है। जितिन प्रसाद इस दौरान न सिर्फ हत्या पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे। बल्कि, वहीं से सूबे की कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना भी साधेंगे। मैनपुरी के बाद जितिन प्रसाद 23 नवंबर को कानपुर जाएंगे। इसके बाद वह प्रतापगढ़, झांसी, अमेठी, लखीमपुर, गोरखपुर होते हुए लखनऊ आएंगे। लखनऊ में जितिन प्रसाद हिन्दूवादी नेता कमलेश तिवारी के परिवार से मुलाकात करेंगे।

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गौरतलब है कि पिछले दो महीने में कई ब्राम्हणों की हत्या हुई है| ब्राम्हण चेतना यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद सभी के घर जाएंगे। 9 अक्टूबर को बस्ती में छात्रनेता आदित्य तिवारी की हत्या हुई। 12 अक्टूबर को झांसी में आग लगाकर उदैनिया परिवार के 4 सदस्यो की हत्या कर दी गई।

18 अक्टूबर को राजधानी लखनऊ में हिन्दुवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद 19 अक्टूबर को मेरठ में अधिवक्ता मुकेश शर्मा की हत्या हुई। फिर दीपावली के दिन 28 अक्टूबर को कन्नौज में 20 वर्षीय अमन मिश्रा की हत्या कर दी गई। यहीं नहीं। 28 अकटूबर को ही लखीमपुर खीरी में पत्रकार रमेश मिश्रा की हत्या कर दी गई। 29 अक्टूबर को अमेठी में पुलिस हिरासत में सत्य नारायण शुक्ला की मौत हो गई थी।