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नहीं बचेगा माफिया मुख्तार, योगी सरकार कसती जा रही शिकंजा

गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के संरक्षण में काफी दिनों से स्लॉटर हाउस चलाया जा रहा था, जहां पर अवैध तरीके से मांस और उसकी खाल को बेचने का काम चल रहा था।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 29 Aug 2020 7:26 AM GMT

नहीं बचेगा माफिया मुख्तार, योगी सरकार कसती जा रही शिकंजा
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सीएम योगी उठा रहे कठोर कदम (social media)
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लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव के पहले भ्रष्ट्राचार और माफियाओं पर नकेल कसने की जिस मुहिम को लेकर भाजपा सत्ता में आई थी उसका असर प्रदेश की जनता को लगातार देखने को मिल रहा है। अपराधियों पर लगाम कसने के साथ ही उनके अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने का काम भी योगी सरकार में लगातार चल रहा है। आपराधिक छवि के विधायक मुख्तार अंसारी और उनके परिजनों के अवैध स्थलों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

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cm-yogi सीएम योगी उठा रहे कठोर कदम (social media)

गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के संरक्षण में काफी दिनों से स्लॉटर हाउस चलाया जा रहा था

गाजीपुर में मुख्तार अंसारी के संरक्षण में काफी दिनों से स्लॉटर हाउस चलाया जा रहा था, जहां पर अवैध तरीके से मांस और उसकी खाल को बेचने का काम चल रहा था। स्थानीय प्रशासन ने इसे बंद कराने के साथ ही अवैध मिर्नाण को भी घ्वस्त करने का काम किया है। गिराए गए भवन की कीमत करीब 40 लाख रुपये है। बाहर से इसमें बड़ा दरवाजा लगा हुआ था और ट्रक सीधे इसके अंदर चला जाता था।

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे उमर और अब्बास की बिल्डिंग गिराई गयी थी

इससे पहले माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के बेटे उमर और अब्बास की बिल्डिंग लखनऊ प्रशासन और लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) ने गुरुवार सुबह गिराई थी। लखनऊ प्रशासन के साथ पुलिस प्रशासन के करीब 200 कर्मियों ने दो मंजिला बनी बिल्डिंग को गिरा चुकी है। बताया जा रहा है कि कई वर्षो पहले हुए चकबंदी में फत्तेउल्लाहपुर में सरकारी तालाब की जमीन को कु्छ लोगों ने गलत तरीके से अपने नाम दर्ज करवा लिया था।

इस जमीन के पांच बीघा एरिया को मुख्तार और दूसरे लोगों ने गलत तरीके से खरीदा और इस पर खाद्यान्न गोदाम बना लिया गया। जब अफसरों को इसकी भनक लगी, तो वे जांच करने पहुंचे। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि जांच में पता चला कि 32 बीघा तालाब के रूप में अंकित जमीन से 15 बीघा जमीन को गलत तरीके से इंद्राज करा लिया गया है।

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माफिया मुख्तार अंसारी की अभी और भी संपत्तियां राजधानी लखनऊ में हैं

इस जमीन को मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी ने खरीदा और इसके पार्टनर जाकिर हुसैन, अफसा बेगम, रवि नारायण सिंह आदि करीब आधे दर्जन लोग बने। जिस पर खाद्यान्न गोदाम का निर्माण कर संचालित किया जा रहा था। हांलाकि माफिया मुख्तार अंसारी की अभी और भी संपत्तियां राजधानी लखनऊ में हैं पर अधिकारियों की मिली भगत से अभी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

हजरतगंज के पांस एरिया डालीबाग में मुख्तार के नाम पर कई अवैध अपार्टमेंट अभी भी खड़े हुए है। इसके लिए भी शासन की तरफ से अधिकारियों से कहा गया है कि उसका पता लगाए। क्योंकि अधिकतर संपत्तियों को दूसरे के नाम से बनाया गया है।

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