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दिल्ली चुनाव: हिन्दू मुस्लिम वोटों के बोझ तले दबता विकास का मुद्दा

दिल्ली विधानसभा चुनाव जैसे जैसे मतदान की तारीख की तरफ बढ़ रहा है वैसे वैसे यहां राजनीतिक दलों में वोटों के बंटवारे को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है। पिछले चुनाव से इतर यह चुनाव इसके पहले हुए अन्य राज्यों की विधानसभा चुनाव की तर्ज पर हिन्दू मुसलमान की तरफ बढ़ रहा है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 24 Jan 2020 2:06 PM GMT

दिल्ली चुनाव: हिन्दू मुस्लिम वोटों के बोझ तले दबता विकास का मुद्दा
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श्रीधर अग्निहोत्री

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव जैसे जैसे मतदान की तारीख की तरफ बढ़ रहा है वैसे वैसे यहां राजनीतिक दलों में वोटों के बंटवारे को लेकर खींचतान बढ़ती जा रही है। पिछले चुनाव से इतर यह चुनाव इसके पहले हुए अन्य राज्यों की विधानसभा चुनाव की तर्ज पर हिन्दू मुसलमान की तरफ बढ़ रहा है।

विकास का मुद्दा यहां साम्प्रदायिकता के बोझ तले दबने लगा है और शाहीन बाग के धरने ने जहां एक तरफ भाजपा नेता हिन्दू वोटों की गोलबंदी में जुट गए हैं, वहीं गैर भाजपा दल सीएए के मुद्दे के बहाने मुस्लिम वोटों को अपने पाले में करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाह रहे हैं।

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कपिल मिश्र के ट्वीट के बाद सियासत गरमाई

आज एक बार फिर भाजपा नेता कपिल मिश्र ने ट्विट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि 8 फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान और पाकिस्तान का मुकाबला होगा। इसे लेकर दिल्ली विधानसभा चुनाव में तूफान खड़ा हो गया।

मामला यहीं तक नहीं रूका, उन्होंने आज ही एक बार फिर ट्विट कर सवाल किया कि हिन्दू मुस्लिम कौन कर रहा हैं, वो सिसोदिया जो कहते हैं शाहीन बाग के साथ खड़े है, वो प्रियंका गांधी जो तुर्कमान गेट में गाड़ियां जलाने वालों का साथ देती है। वो केजरीवाल जो दंगाइयों को 5. 5 लाख रुपये बांट रहे हैं। जो अमानतुल्ला शुएब इकबाल जैसे भड़काऊ लोगो को टिकट दे रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य दल के नेता लगातार शाहीन बाग में चल रहे धरने को समर्थन देकर सीएए का विरोध कर रहे हैं। उन्हे लग रहा है कि मुस्लिम वोटों को यदि हासिल करना है तो सीएए का विरोध करना ही है।

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हिन्दू वोट बैंक के लिए हो रही जमकर बयानबाजी

उधर भाजपा नेता भी लगातार विरोधी नेताओं को यह कहकर उत्तेजित कर रहे हैं कि वह ऐसी बयानबाजी करें जिससे उनका हिन्दू वोट बैंक एक तरफा भाजपा की झोली में गिरे।

यहीं कारण है कि हाल ही में भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा अगर शाहीन बाग के लोग जिन्ना वाली आजादी को लेकर चिल्ला रहे हैं तो हम देश को बटने नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मारने वाले नारे बर्दाश्त नहीं होंगे।

दिल्ली चुनाव में हो रही इस तरह की बयानबाजी के बाद से यहां का मतदाता विकास कार्य के मुददे से भटक कर हिन्दू मुस्लिम की तरफ मुड़ गया है। इसके पहले जब भी दिल्ली विधानसभा के चुनाव हुए है तो पहले यहां बिजली पानी सड़क बेरोजगारी आदि होते रहे हें। पर यह पहली बार है कि सीएए के कारण दिल्ली विधानसभा का पूरा चुनाव हिन्दू बनाम मुस्लिम होता जा रहा है।

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