Top

मिर्जापुर में पत्रकार के उत्पीड़न पर डीजीपी ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बड़ी बात

बाराबंकी में आज उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी ओ.पी.सिंह पहुंचे और यहां पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश के बारे में वस्तुस्थिति को जाना।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 4 Sep 2019 3:07 PM GMT

मिर्जापुर में पत्रकार के उत्पीड़न पर डीजीपी ने तोड़ी चुप्पी, कही ये बड़ी बात
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

बाराबंकी: प्रदेश में मिर्जापुर जिले के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के दोपहर के भोजन में नमक रोटी परोसे जाने की खबर दिखाने वाले पर हुई पुलिसिया कार्रवाई पर आज प्रदेश के डीजीपी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि हम पत्रकार को उत्पीड़ित नहीं करते। इस मामले की जाँच चल रही है और कानून अपना काम करेगा।

ये भी पढ़ें...नहीं थम रहा पत्रकारों पर हमले का सिलसिला, अब ये बने निशाने

बाराबंकी में आज उत्तर प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी ओ.पी.सिंह पहुंचे और यहां पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश के बारे में वस्तुस्थिति को जाना।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने जिन दो जिलों को पुलिस कर्मियों के साप्ताहिक अवकाश के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना था उसमें बाराबंकी भी एक था। आज प्रदेश के डीजीपी उसी की समीक्षा के लिए पहुंचे थे।

[video width="640" height="288" mp4="https://newstrack.com/wp-content/uploads/2019/09/DGP-2.mp4"][/video]

ये भी पढ़ें...सावधान! अगर OLX से खरीदते हैं सामान तो दिल थामकर पढ़ें ये जरूरी खबर

जनपद के मसौली थाने में निरीक्षण के उपरान्त डीजीपी ने पत्रकारों से बात की।

डीजीपी ने मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील की थाली में नमक रोटी परोसे जाने के मामले का खुलासा करने वाले पत्रकार पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के मामले में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि " हम किसी पत्रकार को उत्पीड़ित नहीं करते कानून अपना काम कर रहा है।

इस मामले में जाँच चल रही है और रूल आफ लॉ जो कहेगा वहीं होगा। इस मामले में कानून के तहत ही कार्रवाई होगी।

डीएम ने पुलिसिया कार्रवाई पर दी ये सफाई

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के जिला मजिस्ट्रेट ने जिले के एक स्कूल में बच्चों को रोटी और नमक परोसे जाने की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पर सफाई देते हुए कहा कि अगर वो प्रिंट के पत्रकार हैं तो उन्होंने तस्वीरें क्यों नहीं ली और वीडियो क्यों बनाया?

मालूम हो कि इस मामले को उजागर करने वाले पवन जायसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

ये भी पढ़ें...भारी पड़े नए ट्रैफिक नियम, अब गुरुग्राम में कटा 59 हजार रुपये का चाला

Aditya Mishra

Aditya Mishra

Next Story