निराश्रित गौवंश के लिए संचालित गौ-आश्रय स्थलों में भी रोजगार की व्यापक सम्भावनाएं

टेस्टिंग क्षमता को इस सप्ताह तक बढ़ाकर 10,000 टेस्ट प्रतिदिन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वेंटीलेटर के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षित चिकित्सक और पैरामेडिक्स की उपलब्धता अवश्य हो।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराते हुए सभी मेडिकल कालेजों, नर्सिंग होम तथा अस्पतालों में मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं का संचालन कराया जाए। इस सम्बन्ध में यह सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सा टीम को संक्रमण से बचाव के बारे में प्रशिक्षित किया गया है तथा उनके लिए पीपीई किट, एन-95 मास्क तथा सेनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाकर 10,000 टेस्ट प्रतिदिन किया जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक गांव में एक अल्ट्रारेड थर्मामीटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए पूल टेस्टिंग को अपनाया जाए। टेस्टिंग क्षमता को इस सप्ताह तक बढ़ाकर 10,000 टेस्ट प्रतिदिन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वेंटीलेटर के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षित चिकित्सक और पैरामेडिक्स की उपलब्धता अवश्य हो। उन्होंने कोविड अस्पतालों में एक लाख बेड तैयार करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग पैकेज के प्राविधानों का अध्ययन करते हुए कार्ययोजना तैयार करे, ताकि प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को विश्वास में लेकर, सोशल डिस्टेंसिंग तथा संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय लागू करते हुए ही औद्योगिक इकाइयों का संचालन कराया जाए।

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वृहद वृक्षारोपण अभियान

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जल-जीवन मिशन में उपलब्ध सम्भावनाओं को चिन्हित करते हुए प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के वैकल्पिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसी प्रकार निराश्रित गौवंश के लिए संचालित गौ-आश्रय स्थलों में भी रोजगार की व्यापक सम्भावनाएं हैं। आने वाले समय में आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए पौधे तैयार किए जा रहे हैं। गौ-आश्रय स्थलों के आर्थिक स्वावलम्बन की दृष्टि से गोबर से कम्पोस्ट बनाकर उसका उपयोग वन विभाग आदि की नर्सरियों में कराया जा सकता है।

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चन्द्रा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि डा देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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