Top
TRENDING TAGS :Coronavirusvaccination

किसान आंदोलन: ...तो क्या BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बिगाड़ दिया पूरा खेल

पिछले दो महीने से अधिक समय से चल रहा किसान आंदोलन अब दो नेताओं के टकराव की तरफ बढ रहा है। जहां किसान नेता राकेश टिकैत ने भाजपा के लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर को अपने निशाने पर लिया है वहीं भाजपा विधायक ने भाकियू नेता राकेश टिकैत के सारे आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है।

Monika

MonikaBy Monika

Published on 29 Jan 2021 3:25 PM GMT

किसान आंदोलन: ...तो क्या BJP विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बिगाड़ दिया पूरा खेल
X
तो क्या भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने बिगाड़ दिया सारा खेल
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ। पिछले दो महीने से अधिक समय से चल रहा किसान आंदोलन अब दो नेताओं के टकराव की तरफ बढ रहा है। जहां किसान नेता राकेश टिकैत ने भाजपा के लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर को अपने निशाने पर लिया है वहीं भाजपा विधायक ने भाकियू नेता राकेश टिकैत के सारे आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है। इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने नंद किशोर गुर्जर को लखनऊ तलब किया है।कहा जा रहा है कि गाजियाबाद प्रशासन के हाईवे खाली करने के नोटिस के बाद गिरफ्तारी के लिए तैयार राकेश टिकैत ने धरने से हटने से इनकार कर दिया। राकेश टिकैत ने रोते हुए कहा कि भाजपा के विधायक नंद किशोर गुर्जर प्रशासन के साथ मिलकर साजिश कर रहे थें।

आंदोलन स्थल को खाली कराने पर लगभग सहमत थे

जबकि लोनी विधायक नन्दकिशोर गुर्जर ने बताया कि राकेश टिकैत उनके ऊपर बेबुनियादी आरोप लगा रहे है। राकेश टिकैत बौखला गये है और अब वह जातिवाद का सहारा लेकर बचना चाहते हैं। जबकि राकेश टिकैत का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता सही दिशा में चल रही थी और राकेश टिकैत गिरफ्तारी देखकर आंदोलन स्थल को खाली कराने पर लगभग सहमत हो चले थे। लेकिन भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर अपने साथ 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को लेकर घुस आए हैं। इस पर राकेश टिकैत ने वार्ता बीच में छोड़ दी और मंच पर खड़े हो गए।

माइक संभालते ही उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ साजिश रची जा रही है। मुझे यहां से गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मेरे साथ आए किसानों को पिटवाया जाएगा। इस तरह चर्चाओं में रहना नंद किशोर गुर्जर के लिए कोई नई बात नहीं है। अभी पिछले साल ही उन्हे डी कम्पनी की तरफ से जान से मारने की धमकी मिली है। जिस पर उन्होंने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई।

बकरों की जगह बच्चों की कुर्बानी देने की कही बात

नन्द किशोर गुर्जर की छवि एक हिन्दूवादी नेता की है। कोरोना काल के दौरान भी 28 जुलाई को उनका बयान मीडिया में सुर्खियां बना था जब विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बकरीद में बकरों की जगह बच्चों की कुर्बानी देने की बात कही। उन्होंने कुर्बानी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी चेतावनी भी दी थी। उन्होंने कहा कि पहले सनातन धर्म में भी बलि दी जाती थी लेकिन अब सिर्फ नारियल फोड़ कर चढ़ाया जाता है। वैसे ही मुस्लिम समुदाय के लोग भी कुर्बानी ना दें। इस बयान को लेकर काफी हो हल्ला मचा था।

लाक डाउन के दौरान ही उन्होंने सोशल मीडिया पर एक में लिखा कि कुछ लोग लॉकडाउन के बाद भी बिना वजह सड़कों पर निकलकर देश को संकट में डालकर देशद्रोह का काम कर रहे हैं। पुलिसकर्मी ऐसे लोगों को पैरों में गोली मारकर घर बैठा दे तो वह उस पुलिसकर्मी को 51 सौ रुपये इनाम देंगे।इसके पहले भी नंदकिशोर गुर्जर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि उनके मोबाइल पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। उस वक्त उन्होंने कहा था कि उन्हें पाकिस्तान से कॉल आई थी।

ये भी पढ़ें : गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे अजय लल्लू, टिकैत के साथ धरने में हुए शामिल

अपने बयानों को लेकर विवाद में रहे नंदकिशोर

नंदकिशोर गुर्जर अपने बयानों को लेकर अक्सर विवाद में रहते हैं। इसके पहले उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान भी अधिकारियों के खिलाफ कई बडे आरोप लगाए थें जिसके कारण विधानसभा की कार्यवाही स्थगित हो गयी थी। अधिकारी नेताओं को बेइमान समझते हैं जबकि वह खुद रिश्वतखोरी कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों पर विधायक निधि का कमीषन लेने का आरोप लगाया था। गुर्जर ने अपना दर्द विधानसभा में रखकर कहा था कि नेताओं की सम्पत्ति की जांच तो कराई जाती है पर इन अधिकारियों की भी सम्पत्ति की जांच कराई जानी चाहिए। जिस पर विपक्षी दल के विधायकों ने उनका साथ दिया तो सत्ता पक्ष के लिए मुश्किल खडी होती दिखाई दी थी।

श्रीधर अग्निहोत्री

Monika

Monika

Next Story