आ गया किसानों का एप! सीएम योगी के इस फैसले से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

कम्प्यूटर पर पोर्टल एवं मोबाईल पर एप के माध्यम से किसान गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्टा, गन्ना कैलेंडरिंग, पर्चियों के निर्गमन तथा गन्ना आपूर्ति, संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेगें। एप एवं पोर्टल से यह सुविधा होगी कि किसानों को गन्ना समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे एवं किसानों को घर बैठे सारी जानकारियां मिल सकेगी।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ गन्ना किसानों से जुड़े एक अहम पोर्टल एवं एप का शुभारंभ 13 नवंबर को लोक भवन में होने जा रहा है। इस पोर्टल के लांच होने के बाद गणना किसानो को को कई तरह की जानकारी घर बैठे मिल सकेंगी।

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इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, संजय आर. भूसरेड्डी, ने बताया कि मुख्य मंत्री, आदित्यनाथ चाहते हैं कि किसानों को किसी भी समस्या के लिए शहर के चक्कर न लगाना पडे। इसलिए यह पोर्टल एवं एप किसानों की समस्या के त्वरित समाधान के लिए बनाया गया है, जिससे उन्हें किसी भी तरह की असुविधा न हो एवं सुविधापूर्वक तथा सहजता के साथ उनके गन्ने की पेराई संभव हो सके।

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कम्प्यूटर पर पोर्टल एवं मोबाईल पर एप के माध्यम से किसान गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्टा, गन्ना कैलेंडरिंग, पर्चियों के निर्गमन तथा गन्ना आपूर्ति, संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेगें। एप एवं पोर्टल से यह सुविधा होगी कि किसानों को गन्ना समिति कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे एवं किसानों को घर बैठे सारी जानकारियां मिल सकेगी।

इस पोर्टल एवं एप के माध्यम से उत्तर प्रदेश के समस्त गन्ना किसानों के गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्टा, गन्ना कैलेंडरिंग, पर्चियों के निर्गमन एवं गन्ना आपूर्ति संबंधी जानकारी एक ही पोर्टल पर एकीकृत रूप से उपलब्ध कराई जायेगी। इस अवसर पर मा. मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग सुरेश राणा भी उपस्थिति रहेगें।

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दरअसल आज के युग में हर किसान के हाथ में मोबाइल फोन है। उसके बाद भी उसे छोटी छोटी समस्या के लिए शहर आना पडता है। यही नहीं कई बार सरकारी दफतरों में भी जानकारी के लिए चक्कर लगाना पडता है। जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरू से ही डिजिटल इंडिया को बढावा देने की बात करते रहे है। उनके इसी सपन को साकार करने के लिए यूपी सरकार लगातार इस दिशा में प्रयास कर रही है।