राम मंदिर पर खुशखबरी: निर्माण के लिए बड़ा दिन आज, होगा ये खास काम

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी। ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ की आज यानि 19 फरवरी को दिल्ली में पहली बैठक बुलाई गई है।

Published by Shreya Published: February 19, 2020 | 9:49 am

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की घोषणा की थी। ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ की आज यानि 19 फरवरी को दिल्ली में पहली बैठक बुलाई गई है। बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की इस बैठक में भव्य मंदिर निर्माण के मुहूर्त सहित कई विषयों पर विचार किया जा सकता है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में ये केंद्र सरकार को ट्रस्ट गठित करने के आदेश दिए गए थे।

5 फरवरी को PM मोदी ने ट्रस्ट का किया गठन

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रस्ट की पहली बैठक बुधवार शाम को होने वाली है। इस बैठक में ट्रस्ट अहम मुद्दों पर विचार कर सकती है। जैसे कि क्या मंदिर निर्माण के लिए आम लोगों से सहयोग राशि लेनी चाहिए या नहीं? इसके अलावा इस बैठक में मंदिर निर्माण के मुहूर्त से लेकर निर्माण पूर्ण होने के लिए समयसीमा निर्धारित करने तक के मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में पारदर्शी तरीकों पर खास तौर पर ध्यान रखा जायेगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरीके के विवाद न हो पाएं। इसके साथ ही ट्रस्ट की बैठक में मंदिर निर्माण के दौरान रामलला के रखने के स्थान को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

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ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों के बारे में भी होगी चर्चा

सूत्रों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों के बारे में भी चर्चा की जा सकती है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार 5 फरवरी को लोकसभा में ट्रस्ट का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा को जानकारी दी कि कैबिनेट ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट गठित करने का प्रस्ताव पास किया है।

9 नवंबर को ट्रस्ट गठित करने का दिया था निर्देश

उन्होंने बताया कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को राम मंदिर मसले पर ऐतिहासिक फैसले के दौरान सरकार को ट्रस्ट गठित करने का निर्देश दिया था।

ट्रस्ट को मिल चुका है पहला दान

गठन के बाद ट्रस्ट को केंद्र सरकार की ओर से 1 रुपये का नकद दान भी मिला। यह ट्रस्ट को मिला पहला दान बताया जा रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को पहले दान के तौर पर 1 रुपया नकद दिया ताकि ट्रस्ट अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की दिशा में काम शुरू कर सके।

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बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 सदस्य होंगे इनमें 9 स्थायी और 6 नामित सदस्य होंगे। जिनमें से एक सदस्य हमेशा दलित समाज से होगा। इस बीच बीजेपी और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई नेताओं ने ट्रस्ट में एक OBC समाज के प्रतिनिधि को शामिल करने की मांग रखी थी। मंदिर निर्माण से जुड़े सभी फैसले ट्रस्ट ही करेगा। हालांकि विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) ने कहा है कि अगर ट्रस्ट कहेगा तो वीएचपी मंदिर निर्माण के लिए फंड जुटाने का काम कर सकती है।

ट्रस्ट के 15 सदस्यों में ये हैं शामिल

इस ट्रस्ट में जिन 15 सदस्यों को शामिल किया गया है, उनमें जगतगुरु शंकराचार्य, जगतगुरु माधवानंद स्वामी, युगपुरुष परमानंद जी महाराज, पुणे के गोविंद देव गिरि, अयोध्या के डॉक्टर अनिल मिश्रा, कामेश्वर चौपाल और निर्मोही अखाड़ा के धीरेंद्र दास का नाम शामिल है। इनके अलावा ट्रस्ट में सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान की पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट केशवन अय्यंगार परासरण भी होंगे।

महंत नृत्यगोपाल दास ट्रस्ट में किया जा सकता है शामिल

वहीं इसके अलावा बैठक में महंत नृत्यगोपाल दास को ट्रस्ट में शामिल करने पर भी चर्चा की जा सकती है। महंत नृत्यगोपाल दास शुरु से ही मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। साथ ही उन्हीं के मठ से मंदिर आंदोलन का संचालन होता था। ऐसे में ऐसा माना जा रहा है कि महंत नृत्यगोपाल दास और विहिप के चंपत राय को ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है। शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने बताया कि ट्रस्ट की पहली बैठक में इसके गठन के साथ मंदिर निर्माण शुरू करने की तारीख तय करने पर चर्चा होगी।

के. परासरण के आवास से होगा कार्य

शुरुआत में ये ट्रस्ट सीनियर एडवोकेट के. परासरण के आवास से कार्य करेगा। लेकिन बाद में इस ट्रस्ट का एक स्थायी कार्यालय खोला जाएगा। इस ट्रस्ट के पास राम मंदिर निर्माण और इससे जुड़े विषयों पर निर्णय करने के लिए स्वतंत्रत रहेगा। वहीं इसका पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा।

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