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बाढ़ का भयानक रूप: यूपी में कहर बन कर बरस रहा पानी, अलर्ट हुआ जारी

उतर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। अगले 24 घंटों में बाढ़ के बिगड़ने की आशंका है। नेपाल की तरफ से पानी छोड़े जाने से दिक्कत बढ़ी है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 21 Aug 2020 1:32 PM GMT

बाढ़ का भयानक रूप: यूपी में कहर बन कर बरस रहा पानी, अलर्ट हुआ जारी
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लखनऊ: उतर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। अगले 24 घंटों में बाढ़ के बिगड़ने की आशंका है। नेपाल की तरफ से पानी छोड़े जाने से दिक्कत बढ़ी है। गोंडा जिले के तरबगंज तहसील के (भिखारीपुर सकरौर) एक तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. लेकिन जिला प्रशासन ने जल्द मरम्मत का काम करके तटबंध को बचा लिया गया है। बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 373 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गयी है।

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प्रदेश के 16 जनपद के 875 गांवों बाढ़ से प्रभावित है

प्रदेश के 16 जनपद (अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, संतकबीरनगर तथा सीतापुर) के 875 गांवों बाढ़ से प्रभावित है। शारदा नदी, पलिया कला (लखीमपुरखीरी), शारदा बैराज (लखीमपुरखीरी), राप्ती नदी राप्ती बैराज (श्रावस्ती) सरयू (घाघरा) नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), (अयोध्या) तथा तुर्तीपार (बलिया)में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में 385 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 6,75,772 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं।

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि अधिकारियों को तटबंध की निरन्तर पेट्रोलिंग करने के साथ-साथ बांधों में कटान की स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा गया हैं। प्रदेश में इस समय सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण का कार्य किया जा रहा है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ की 15 टीमें तथा एसडीआरएफ व पीएसी की 7 टीमें इस प्रकार कुल 22 टीमें तैनाती की गयी है। 1,086 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है।

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उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक कुल 3,016 कुंतल भूसा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल पर सम्पर्क कर सकता है।

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