हाईकोर्ट का राज्य जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित करने का निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम 2017 की धारा 109 (6) के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए राज्य जीएसटी अपीलीय अधिकरण के गठन का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य अपीलीय अधिकरण गठित करने का अधिकार केंद्र सरकार को है।

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम 2017 की धारा 109 (6) के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए राज्य जीएसटी अपीलीय अधिकरण के गठन का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य अपीलीय अधिकरण गठित करने का अधिकार केंद्र सरकार को है। यह राज्य के अधिकार क्षेत्र में शामिल नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार को संस्तुति भेजने का अधिकार नहीं है। केवल एरिया पीठों के गठन में राज्य सरकार से संस्तुति प्राप्त की जायेगी।

यह भी पढ़ें…दहेज की भेंट चढ़ी एक और विवाहिता, ससुरालजनों पर लगा हत्या का आरोप

कोर्ट ने कहा है कि लखनऊ खण्डपीठ के अवध बार एसोसिएशन केस के 31 मई19 के फैसले में इस कानूनी उपबन्ध पर विचार नही किया गया। प्रथम दृष्टया लखनऊ खण्डपीठ का फैसला कानूनी उपबन्धों के विपरीत होने के कारण अप्रभावी है। इसलिए केंद्र सरकार जीएसटी एक्ट के तहत राज्य अपीलीय अधिकरण के गठन की कार्यवाही पूरी करे। कोर्ट ने भारत सरकार के सहायक सालिसिटर जनरल ज्ञान प्रकाश से 3 हफ्ते में अधिकरण गठन की कार्यवाही रिपोर्ट मांगी है। याचिका की सुनवाई 19 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति भारती सप्रू तथा न्यायमूर्ति आर.आर. अग्रवाल की खंडपीठ ने मेसर्स टार्क फार्मास्युटिकल प्रा.लि. की याचिका पर दिया है।

यह भी पढ़ें…कर्नाटक: कुमारस्वामी सरकार का गिरना तय, राज्यपाल ने कहा- आप खो चुके हैं बहुमत

राज्य सरकार की तरफ से प्रगति रिपोर्ट हलफनामे के साथ दाखिल की गयी जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार की राज्य अपीलीय अधिकरण के गठन में कोई भूमिका नहीं है। केंद्र सरकार को अधिकरण गठित करने का पूरा अधिकार है। यह भी कहा है कि लखनऊ पीठ के 31 मई के फैसले को राज्य सरकार चुनौती देने पर विचार कर रही है। केंद्र सरकार की तरफ से भी वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का एक पत्र पेश किया गया जिसमें यह जानकारी दी गयी है कि जीएसटी काउन्सिल की बैठक हो चुकी है। केंद्र सरकार उसके मिनिट का इंतजार कर रही है जिसके अनुसार निर्णय लिया जायेगा।

यह भी पढ़ें…कर्नाटक: राज्यपाल का आदेश, 6 बजे तक साबित करें बहुमत, कांग्रेस-कुमारस्वामी पहुंचे SC

याची अधिवक्ता ने धारा109 (6) की तरफ कोर्ट का ध्यान आकृष्ट किया और कहा कि राज्य अधिकरण के गठन का केंद्र सरकार को ही अधिकार है। राज्य सरकार की संस्तुति जरूरी नहीं है केवल एरिया बेंच गठित करते समय राज्य से प्रस्ताव माँगा जायेगा। लखनऊ पीठ के 31 मई 19 के फैसले में इस कानूनी पहलू पर विचार नहीं किया गया। साथ ही केंद्र सरकार, एक राज्य के अधिकरण के क्षेत्र में दूसरे राज्य या केंद्र शासित राज्य को शामिल कर सकती है। याची अधिवक्ता का कहना है कि कानूनी उपबन्धों के तहत राज्य सरकार को राज्य जीएसटी अपीलीय अधिकरण के गठन की संस्तुति देने का अधिकार नहीं है।

यह भी पढ़ें…सुप्रीम कोर्ट से बोली सरकार, दुनिया में शरणार्थियों की राजधानी नहीं बन सकता भारत

सुप्रीम कोर्ट के मद्रास हाई कोर्ट बार एसोसिएशन केस के फैसले से स्पष्ट है कि जहां हाईकोर्ट की प्रधान पीठ होगी वही अधिकरण स्थापित होगा। ऐसे में प्रयागराज में ही राज्य अधिकरण गठित किया जाना चाहिए। बार एसोसिएशन की तरफ से सुझाव दिया गया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का काफी विस्तृत क्षत्राधिकार है। प्रयागराज में स्थान व अधिवक्ता उपलब्ध है। हाईकोर्ट के नजदीक राजस्व परिषद या पुलिस मुख्यालय के भवन में अधिकरण स्थापित हो सकता है।