हाथरस पर भूचाल: गैंगरेप पीड़िता की लाश पर हंसती रही पुलिस, रोते रहे मां-बाप

खुशी और गम का समय अलग अलग होता है। ये सबको पता है कि गम में दुखी और रोया जाता है। और खुशी में हंसा जाता है। लेकिन शायद यूपी पुलिस इससे अंजान है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला । जब हाथरस गैंगरेप पीड़िता की चिता जल रही थी।

Published by suman Published: September 30, 2020 | 9:32 am
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गैंगरेप पीड़िता के अंतिम संस्कार के समय मौजूद महिला पुलिस (फोटो: सोशल मीडिया)

हाथरस : यूपी पुलिस पुलिस के चेहरे पर सिकन तो दूर मुस्कान थी। ऐसा लग रहा था अपराधियों की पनाहगार है ये यूपी पुलिस।  हुआ यूं कि  14 सितंबर को दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी की पूरी देश निंदा हो रही है। उत्तर प्रदेश के हाथरस में नाबालिग के साथ रेप से पूरे देश में गुस्सा है और युवती की मौत पर माहौल गमगीन है, लेकिन इस घटना के बीच भी उत्तर प्रदेश पुलिस का संवेदनहीन अमानवीय चेहरा भी देखने को मिला ।  जब युवती के शव को हाथरस ले जाया गया, तो ग्रामीणों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने विरोध के बावजूद उसका अंतिम संस्कार कर दिया।

चिता जल रही थी पुलिस हंस रही थी

हाथरस पीड़िता की जब चिता जल रही थी। तब पुलिस के कई अधिकारी साइड में खड़े होकर बातें कर रहे थे और ठहाके लगा रहे थे। जो कि दिखाता है कि यूपी पुलिस इस मामले को लेकर कितनी असंवेदनशाल रही।  जहां हाथरस की निर्भया का परिवार रो रहा था और इंसाफ की भीख मांग रहा था, तो दूसरी ओर राज्य की पुलिस इस पर खामोश हंस रही थी।

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हाथरस में गैंगरेप का शिकार

मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हाथरस में गैंगरेप का शिकार हुई दलित युवती की मौत हुई। देर रात को पुलिस की सुरक्षा के बीच युवती के शव को हाथरस के गांव ले जाया गया। जब पुलिस पहुंची तो आधी रात को भी बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद थी।

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सोशल मीडिया से

 

युवती के परिजनों और गांव वालों ने पुलिस को शव देने की अपील की, साथ ही इंसाफ की मांग की। लेकिन पुलिस ने परिजनों और किसी को भी युवती के शव के पास नहीं आने दिया और जबरन खुद ही अंतिम संस्कार कर दिया।यूपी पुलिस के इस तरह के बर्ताव पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

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परिवार और विपक्ष का सरकार विरोध

बता दें कि परिवारवालों पहले पुलिस पर आरोप लगाया है कि इस मामले में केस दर्ज नहीं किया था, जब मामले ने तूल पकड़ा तो, तब यूपी पुलिस ने एक्शन लिया।. कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों  ने इस मामले को लेकर लखनऊ, हाथरस से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन किया और सरकार को दलित विरोधी बताया। बीते 14 सितंबर को  गांव के चार लोगों ने दलित लड़की के साथ रेप किया। घटना के 10-12 दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा है। अब इस मामले में यूपी का माहौल गर्म है।

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