अरे भाई! ये कैसा हाॅस्पीटल है जहां डाॅक्टर गए हैं चुनाव प्रचार में, आइए देखिए

ओपीडी के समय पर चिकित्सकों के नहीं होने से मरीज से लेकर तीमानदारों ने जोर-शोर से नारा लगाना शुरू कर दिया है कि क्या यहां के डाॅक्टर समेत अन्य कर्मचारी चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

लखनऊ: इन दिनों देश में हर जगह चुनावी लहर चल रही है। हर पार्टी के नेता से लेकर कार्यकर्ता प्रचार अभियान को आखिरी रुप दे रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सुना है कि जान बचाने वाले डाॅक्टर भी चुनाव में प्रचार कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही वाकया राजधानी के मोहनलालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 15 मई को सुनने को मिला।

ओपीडी के समय पर चिकित्सकों के नहीं होने से मरीज से लेकर तीमानदारों ने जोर-शोर से नारा लगाना शुरू कर दिया है कि क्या यहां के डाॅक्टर समेत अन्य कर्मचारी चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।

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दरअसल लखनऊ के मोहनलालगंज के सीएचसी पर आने वाले लोगों की शिकायत रहती है कि यहां पर कर्मचारी समय से क्यों नहीं आते हैं। क्या यहां पर सरकार का कोई नियम नहीं चलता है। मामला तब अलग मोड़ ले लिया जब मरीज बुधवार को अस्पताल में डाॅक्टर को दिखाने पहुंचे थे। अधीक्षक डाॅ मिलिंद से लेकर अन्य डाॅक्टरों के कमरे खाली थे।

मरीज पर्ची कटवाकर इंतजार करते रहे लेकिन कोई भी जिम्मेदार नहीं आया। ओपीडी में दिखाने आए मरीज इलाज से वंचित रह गए। इंमरजेंसी में तैनात केवल एक डाॅक्टर ही सीएचसी का कमान संभाले हुए हैं। काफी देर के बाद मरीजों का पारा हुआ हाई डाॅक्टरों का घंटों इंतजार करने के बाद मरीजों समेत अन्य लोगों  ने हंगाम करना चालू कर दिया। जोर-जोर से कहने लगे कि क्या डाॅक्टर चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। मरीज मणिशंकर ने बताया कि मुझे बुखार के साथ अन्य समस्या है, किसी तरह से अस्पताल आया हूं लेकिन यहां राहत नहीं मिल रही है।

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दर्जन भर महिलाओं का नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड

स़्त्री रोग विशेषज्ञ के अल्ट्रासाउंड लिखने के बाद भी अल्ट्रासाउंड कक्ष का ताला बंद रहा। तीमानदार राकेश का कहना है कि कर्मचारियों  की लापरवाही का खामियाजा हमको भुगतना पड़ रहा है। मजबूरी में प्राइवेट संस्थानों का सहारा लेना पडे़गा। अक्सर लोगों को मोहनलालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इस तरह की समस्यायें आती रहती हैं।

पूर्व सीएमओ डाॅ जी एस वाजपेयी ने कुछ कदम उठाया था लेकिन आज भी हालात पहले जैसे हैं। आखिर कब सुधरेगी व्यवस्था। इस प्रकरण पर ध्यान दिया जाएगा। जिम्मेदारों से लिखित में कारण मांगा जाएगा।
सीएमओ, नरेंद्र अग्रवाल