उन्नाव रेप केस में कोर्ट की उड़ी धज्जियां: यूपी पुलिस की हो रही किरकिरी, ये है मामला

मीडिया से बातचीत के दौरान आईजी जोन एसके भगत ने पीड़िता का नाम लेकर उसकी पहचान उजागर कर दी। इतना ही नहीं आईजी भगत ने पीड़िता के परिवार वालों का भी नाम ले लिया। बता दें सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश है कि ऐसे मामले में पीड़िता व उसके परिवार की पहचान उजागर नहीं करना है।

उन्नाव: एक तरफ जहां देश ने अपनी एक बेटी को कुछ दरिंदो की वजह से खोया है। वहीं दूसरी तरफ उन्नाव से भी ऐसी ही घटना सामने आई है, जहां एक लड़की को रैप करने के बाद उसे भी जिंदा जलाने की कोशिश की गई है। लेकिन अब इस मामले की जांच करने पहुंचे आईजी जोन लखनऊ एसके भगत अपने बयान की वजह से मुसीबतों में घिरते नज़र आ रहे हैं। बता दें कि आईजी ‘साहब’ प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन को ही भूल गए।

मीडिया से बातचीत के दौरान आईजी जोन एसके भगत ने पीड़िता का नाम लेकर उसकी पहचान उजागर कर दी। इतना ही नहीं आईजी भगत ने पीड़िता के परिवार वालों का भी नाम ले लिया। बता दें सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश है कि ऐसे मामले में पीड़िता व उसके परिवार की पहचान उजागर नहीं करना है।

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रेप की घटनाओ में पीड़ता का नाम देना अपराध माना है

हुआ कुछ ऐसा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आईजी लखनऊ जोन को मामले की जांच कर शाम तक रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था। इसी मामले में वह उन्नाव में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। तभी उन्होंने रेप पीड़िता व उसके परिवार का नाम ले लिया। उधर मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने पहचान उजागर करने पर आईजी एसके भगत के लिए एडवाइजरी जारी की है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के सेक्शन 228- A आई पी सी के तहत रेप की घटनाओ में पीड़ता का नाम देना अपराध माना है।

उधर रेप पीड़िता को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस की एफआईआर में भी खेल देखने को मिल रहा है। पीड़िता के लिखित बयान के बाद भी पुलिस ने सिर्फ 2 के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की है। जबकि पीड़िता ने पांचों आरोपियों के नाम अपने लिखित बयानमें लिए हैं। 3 अन्य आरोपियों को पुलिस ने अभियुक्त नहीं बनाया है। सिर्फ शिवम और शुभम को ही पुलिस ने अभियुक्त बनाया है। दोनों आरोपियों पर 307, 326, 506 धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है।

युवती 90 फीसदी जल चुकी है 

लड़की का रेप कर के उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। 5 आरोपियों ने गांव के बाहर खेतों में युवती को जलाने की कोशिश की। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। युवती 90 फीसदी जल चुकी है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

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इस घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने यूपी के डीजीपी ओपी सिंह से केस में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है। इसमें पीड़िता के केस दर्ज करवाने की तारीख से अब तक की कार्रवाई मांगी गई है। साथ ही पूछा गया है कि ये भी बताएं कि अगर साबित हुआ है तो रेप पीड़िता को सुरक्षा नहीं देने के लिए किन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसके अलावा महिला आयोग ने डीजीपी से उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ पिछले 3 साल में हुए जघन्य अपराधों और उनमें दी गई जमानतों की रिपोर्ट भी तलब कर ली है। एनसीडब्ल्यू की तरफ से कहा गया है कि जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें।