यहां यूरोप व USA की तर्ज पर 144 एकड़ में बनेगा देश का पहला इकोहब

महाप्रबंधन नोएडा प्राधिकरण राजीव त्यागी ने बताया कि देश का पहला ग्रीन लंग्स होगा। जिसमे पशु पक्ष वास करेंगे साथ ही लोगों के लिए यह पर्यटन व आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसका निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा। यहा कार्य शुरू कर दिया गया है।

नोएडा: इको हब के रूप में शहर को विकसित करने के लिए 144 एकड़ का ग्रीन लंग्स बनाया जा रहा है। जिसमे पशु पक्षि अभयारण के अलावा एमिनल ब्रिज भी शामिल है। यह ब्रिज 144 एकड़ ग्रीन लंग्स के दो हिस्सो को आपस में जोड़ेगा। इसमे एक प्राक़तिक वेटलैंड भी शामिल है।

विकसित होने के बाद यह यूरोप व यूएसए के शहर में विकसित किए गए देश का पहला इको हब के तरह ही दिखेगा। यह शहर की खूबसूरती को बढ़ाएगा साथ ही शहर व पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काफी कारगर होगा। इस परियोजना को लेकर सोमवार को एक बैठक प्रस्तावित स्थल पर की गई। जिसमे इस परियोजना को लेकर किए जा रहे कार्य को देखा गया और निर्देश दिए गए।

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प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि यह एक ऐसा क्षेत्र है। जिसे इको हब में विकसित कर पशु पक्षी अभयारण के लिए बनाया जा सकता है। यहा प्राकृतिक वैटलेंड में नील गाय, सरीसप, जंगली छिपकरी, मोर के अलावा कई जंगली पशु आपस में मिलकर रहते है। इसी तरह तितलियों की कई प्रजातियां, मछलियों के अलावा अनेक प्रकार के जलीय जीव इसके अतरिक्त कॉमन मूरहेन, ब्लैक इबिस, ब्लैक हेडड इबिस, ब्लैक विंग्ड स्टिल, कैलट एग्रेट, व्हाइट बे्रस्टेड वाटर हेन, इंडियन पांड हेरोन, व्हाइट थ्रोटेड किंगफिशर, नाइट हेरान , लिटिल ग्रीब। जिसमे ब्लैक हेडेड इबिस एक निकटवर्ती खतरे वाली प्रजाति है। ऐसे प्रवासी व इंडियन प्रजाति के पक्षियों की संख्या इस क्षेत्र में बहुतायत है। लिहाजा इसे अभयारण में तब्दील किया जाए। लेकिन यहा बनाए जाने वाला अभयारण जिसे इको हब भी कह सकते है अलग तरीका का होगा।

एनिमल ब्रिज के जरिए मिलेगी कनेक्टिविटी

जिस प्राक़तिक वेटलैंड को जोड़कर इकोहब बनाया जा रहा है। उसमे तीन अन्य ग्रीन हब भी शामिल है। यह चारो एक एनिमल ब्रिज से आपस में जुड़ जाएंगे। इस एनिमल ब्रिज को ग्रीनरी में तब्दील किया जाएगा। यह जानवरों के लिए आने जाने का एक मार्ग होगा। साथ ही इसके साथ एक सर्विस रोड बनाई जाएगी यह रोड लोगों के लिए होगी। ब्रिज के नीचे पानी होगा यानी यह एक बीच लैंड की तरह ही होगा। जहा पशु पक्षी देखे जा सकेंगे। इसके अलावा पानी का एक सोत्र वेटलैंड भी होगा।

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ऐसे बनेगा 144 एकड़ में इकोहब

देश में पहला 144 एकड़ में बनने वाला इको हब में महज 12 एकड़ प्राक़तिक वेटलैंड होगा। इसके अलावा शेष एरिया क़तिम रूप से तैयार किया जा रहा है। जिसमे एक तरफ 12 एकड़ के वेटलैंड के साथ 25 एकड़ में मेडिसनल पार्क होगा। और दूसरी तरफ 75 एकड़ में बॉयो डायर्वसिटी पार्क व 32 एकड़ की ग्रीन बेल्ट होगी। इन चारों को एक एमिनल ब्रिज के जरिए ही जोड़ा जाएगा। इसको विकसित करने के लिए यहा वेटलैंड की झील के पानी को साफ किया जा रहा है।

महाप्रबंधन नोएडा प्राधिकरण राजीव त्यागी ने बताया कि देश का पहला ग्रीन लंग्स होगा। जिसमे पशु पक्ष वास करेंगे साथ ही लोगों के लिए यह पर्यटन व आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसका निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा। यहा कार्य शुरू कर दिया गया है।

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