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यहां न्यायाधीश को नशे में मिले आपातकालीन चिकित्सक, मचा हड़कंप

आपातकालीन विभाग में जज साहब को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. बी. सागर पहले तो आधा घंटे तक ड्यूटी से गायब मिले। बाद में जब आये भी तो शराब के नशे में इतने ज्यादा थे कि उनके मुंह से बदबू आ रही थी।

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 7 March 2020 10:50 AM GMT

यहां न्यायाधीश को नशे में मिले आपातकालीन चिकित्सक, मचा हड़कंप
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एटा: 7 मार्च जिला चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग में बीती रात्रि एक मजिस्ट्रेट का उपचार कराने पहुंचे अतरिक्त जनपद न्यायाधीश/ विशेष जज एससी एसटी कोर्ट को पहले तो ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ड्यूटी पर मिले ही नहीं काफी तलाश करने के आधा घंटा बाद जब मिले तो इतने नशे में कि उनके मुंह तक से दुर्घन्ध आ रही थी। जिसकी शिकायत न्यायाधीश ने सीएमएस व सीएमओ से की।

चिकित्साधिकारियों में में मचा हड़कंप

जज के चिकित्सालय के ओपीडी रजिस्टर में टिप्पणी करने के बाद चिकित्साधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। न्यायाधीश से डाक्टर के नशे में होने की शिकायत के बाद वे चिकित्सक का मेडीकल कराने के स्थान पर जज द्वारा रजिस्टर पर टिप्पणी करने पर ही ऐतराज जता रहे हैं।

अतरिक्त जनपद न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश एससी एसटी न्यायालय खलीकुज्जमा शुक्रवार रात लगभग 11.30 बजे मुंसिफ मजिस्ट्रेट मीना अख्तर की तवीयत खराब हो जाने पर उन्हें लेकर जिला चिकित्सालय के आपातकालीन विभाग गये थे।

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आपातकालीन विभाग में जज साहब को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. बी. सागर पहले तो आधा घंटे तक ड्यूटी से गायब मिले। बाद में जब आये भी तो शराब के नशे में इतने ज्यादा थे कि उनके मुंह से बदबू आ रही थी। चिकित्सक की हालत से हतप्रभ न्यायाधीश खलीकुज्जमा ने सीएमओ डा. अजय अग्रवाल व सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल को मामले की सूचना दी।

सूचना पर मौके पर पहुंचे सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल को उन्होंने चिकित्सक का तत्काल मेडीकल परीक्षण कराने के निर्देश दिये। साथ ही चिकित्सक के आचरण व स्थिति की उनके ओपीडी रजिस्टर में टिप्पणी अंकित कर दी।

न्यायाधीश ने ओपीडी रजिस्टर पर डाक्टर के खिलाफ अंकित की टिप्पणी

जज साहब तो कुछ समय बाद चले गये। किन्तु हड़कंप में आये चिकित्साधिकारी अपने चिकित्सक के बचाव में जुट गये। सीएमएस डा. राजेश अग्रवाल ने चिकित्सक का मेडीकल कराने के स्थान पर न्यायाधीश द्वारा ओपीटी रजिस्टर पर की टिप्पणी को मुद्दा बनाते हुए इस पर ऐतराज जताते हुए इसकी सूचना जिला जज रेणु अग्रवाल को देने की बात कही है। वहीं आरोपित चिकित्सक डा. बी. सागर अपनी गैरहाजिरी को खाना खाने जाना बताते हुए मुंह से आ रही गंध को शराब की नहीं, दवा की गंथ बता रहे हैं।

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साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने बीमार जज साहब को देखकर दवा भी दी गयी मैंने सुबह से खाना नहीं खाया था में खाना खाने गया था।

वहरहाल समाचार लिखे जाने तक मामला गरमाया हुआ है।

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