जाने क्यों 36 ठेकेदारों और 211 इंजीनियरों के खिलाफ हुई कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन एवं वितरण निगमों में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं को लेकर 36 ठेकेदारों और 211 इंजीनियरों के विरुद्ध बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।

Published by Aditya Mishra Published: June 7, 2019 | 9:18 pm
Modified: June 7, 2019 | 9:54 pm

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन एवं वितरण निगमों में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं को लेकर 36 ठेकेदारों और 211 इंजीनियरों के विरुद्ध बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गयी है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को यहां बताया कि विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों की समस्याओं के निराकरण के लिए पोर्टल बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से शतप्रतिशत भुगतान न करने तथा अन्य देयों से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड न करने के कारण 36 ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। इसके अलावा 211 अभियन्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी है।

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मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि पोर्टल के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने और अन्य जानकारियां अपलोड करने के कार्य में शिकायत या लापरवाही पायी गयी तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा है कि सरकार चाहती है कि आउटसोर्स कर्मिकों को समय से वेतन एवं अन्य देय प्राप्त हों और उनका किसी तरह उत्पीड़न न हो।

उन्होंने बताया कि कार्रवाई के अन्तर्गत दक्षिणांचल में 14 अधिशासी अभियन्ताओं के विरुद्ध आरोप पत्र निर्गत किये गये हैं और 26 अधिशासी अभियन्ताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही दक्षिणांचल के तीन ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है एवं तीन अन्य के खिलाफ तहरीर दी गयी है।

इसी तरह पूर्वांचल वितरण निगम में 52 अधिशासी अभियन्ताओं को आरोप पत्र दिये गये हैं एवं 30 अधीक्षण अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डिस्काम में 14 ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है।

मध्यांचल में जहां आठ अधिशासी अभियंताओं को आरोप पत्र निर्गत किये गये हैं वहीं 25 खंड स्तरीय अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी किये गये हैं। इस क्षेत्र में 12 ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है।

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कार्रवाई के क्रम में पश्चिमांचल में 56 अधिशासी अभियंताओं एवं खंड के लेखाकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही मुख्य अभियंताओं को 17 डिवीजनों में आडिट में पायी गयी अनियमितताओं के आधार पर वसूली सुनिश्चित कराने के आदेश दिये गये हैं। इस क्षेत्र के भी चार ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है।

प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया है कि प्रदेश भर में विभाग में हजारों आउटसोर्स कर्मिकों को तैनात किया गया है। उनको समय से भगुगतान सीधे उनके बैंक खातों में हो, इसी उद्देश्य से पोर्टल तैयार किया गया है।

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