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मनाली लेह का सफर: होगी खूबसूरत और यादगार यात्रा, बस रखें इन बातों का ख्याल

जब मनाली से लद्दाख की यात्रा करते हैं, तो  बहुत अधिक ऊंचाई तक जा सकते हैं, लेकिन लेह से मनाली की ओर आते समय यह ऊंचाई कम जाती है।

Suman  Mishra
Published on: 4 Oct 2020 6:05 PM IST
मनाली लेह का सफर: होगी खूबसूरत और यादगार यात्रा, बस रखें इन बातों का ख्याल
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लेह से मनाली की ओर आते समय यह ऊंचाई कम जाती है।

मनाली : पहाड़ों की यात्रा सुखद अहसास देती है लेकिन यहां का सफर जितना रोमांचक होता है उतना ही सावधानी वाली होती है। इस यात्रा के क्रम में मनाली से लेह तक की यात्रा का सोच रहे है तो ये यात्रा आनंद से भरी होगी। 474 किलोमीटर लम्बे मनाली-लेह राजमार्ग पर लगभग 350 से अधिक किलोमीटर में कोई नगर नहीं है और एकमात्र यात्रा करने वाले यात्री होंगे। मनाली-लेह राजमार्ग पर 365 KMs के क्षेत्र में कोई ईंधन (पेट्रोल / डीजल) भी नहीं मिलता है। इसलिए पूरा इंतेजाम करके ही इस यात्रा पर निकलें।

मनाली से लेह तक की यात्रा आनंद से भर देगी। अधिकतर समय आप 4000 मीटर की ऊंचाई पर होते हैं और आपका शरीर इतनी जल्दी आसानी से अनुकूलित नहीं हो सकता। जब मनाली से लद्दाख की यात्रा करते हैं, तो बहुत अधिक ऊंचाई तक जा सकते हैं, लेकिन लेह से मनाली की ओर आते समय यह ऊंचाई कम जाती है।

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सतर्कता बरतें

जब लेह से मनाली की यात्रा कर रहे है तो पहले उस दौरान सरचू में अपनी यात्रा को पड़ाव दे सकते हैं।मनाली और लेह के बीच एक समान दूरी पर सरचू है। दूसरे दिन कीलोंग से लेह तक यात्रा कर सकते हैं सरचू में सोने की सिफारिश नहीं की जाती है।

manali सोशल मीडिया से फोटो

लेह-लद्दाख की यात्रा

अगर मनाली से आ रहे हैं, जब तक कि शरीर लगभग 4-5 दिनों तक स्पीति और लाहौल घाटी में रहकर सरचू की ऊंचाई पर पूरी तरह से अनुकूल न हो जाए। इसलिए हमेशा लद्दाख की यात्रा की योजना इस तरह से बनाने की कोशिश करें कि आप श्रीनगर की ओर से लेह में प्रवेश करें और फिर लेह-लद्दाख की यात्रा के बाद कुछ दिनों के लिए मनाली-लेह राजमार्ग के माध्यम से वापस आएं।

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manaali सोशल मीडिया से फोटो

खुलने और बंद होने के कारण

जून से सितंबर समय इस रास्ते में मौजूद दर्रा खुला रहता है और मनाली-लेह राजमार्ग पर यात्रा करने का एकमात्र समय माना जाता है। रोहतांग दर्रे और बारलाचा ला के खुलने और बंद होने के कारण से मनाली-लेह राजमार्ग पर यात्रा का समय नियंत्रित होता है। हर साल रोहतांग दर्रे के खुलने का औसत समय मई के आसपास होता है और बरलाचा ला आमतौर पर मई के अंत तक खुलता है।

mnalli सोशल मीडिया से फोटो

मनाली-लेह हाईवे उन सड़कों में से एक है, जो पृथ्वी पर स्वर्ग कहे जाने वाले लेह-लद्दाख की ओर जाता है यह दुनिया के उन राजमार्गों में से एक है, जो एक प्रकृति प्रेमी को पसंद आता है भारत और विदेश में रहने वाले साहसिक यात्रियों को अपने जीवन में कम से कम एक बार इस खतरनाक और सुंदर राजमार्ग पर यात्रा करने का सपना होता है। देर किस बात की आज से ही तैयारी कर ले एक खूबसूरत सफर की।



Suman  Mishra

Suman Mishra

एस्ट्रोलॉजी एडिटर

मैं वर्तमान में न्यूजट्रैक और अपना भारत के लिए कंटेट राइटिंग कर रही हूं। इससे पहले मैने रांची, झारखंड में प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग किया है और ईटीवी में 5 वर्षों का डेस्क पर काम करने का अनुभव है। मैं पत्रकारिता और ज्योतिष विज्ञान में खास रुचि रखती हूं। मेरे नाना जी पंडित ललन त्रिपाठी एक प्रकांड विद्वान थे उनके सानिध्य में मुझे कर्मकांड और ज्योतिष हस्त रेखा का ज्ञान मिला और मैने इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के लिए पढाई कर डिग्री भी ली है Author Experience- 2007 से अब तक( 17 साल) Author Education – 1. बनस्थली विद्यापीठ और विद्यापीठ से संस्कृत ज्योतिष विज्ञान में डिग्री 2. रांची विश्वविद्यालय से पत्राकरिता में जर्नलिज्म एंड मास कक्मयूनिकेश 3. विनोबा भावे विश्व विदयालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री

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