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मणि मंजरी केस: भड़के सपा के राष्ट्रीय सचिव, बलिया पुलिस पर लगाया ये इल्जाम

सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय आज पुलिस पर जमकर बरसे। उन्होंने पुलिस को अपराधियों को बचाने का प्रयास न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने पुलिस की भूमिका को लेकर महिला आयोग सहित सभी मंचों पर शिकायत करने व हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की घोषणा की है।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 9 Sep 2020 11:56 AM GMT

मणि मंजरी केस: भड़के सपा के राष्ट्रीय सचिव, बलिया पुलिस पर लगाया ये इल्जाम
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बलिया: मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले के विवेचना अधिकारी को विवेचना के सभी साक्ष्यों को संकलित कर साक्ष्यों सहित अगली सुनवाई पर तलब किया है। हाई कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई 11 सितंबर को सूचीबद्ध किया है।

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पुलिस पर जमकर बरसे सपा के राष्ट्रीय सचिव

इस मामले में सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय आज पुलिस पर जमकर बरसे। उन्होंने पुलिस को अपराधियों को बचाने का प्रयास न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने पुलिस की भूमिका को लेकर महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग सहित सभी मंचों पर शिकायत करने व हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने की घोषणा भी की है।

11 सितंबर को सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत के मामले में अब 11 सितंबर को सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की एकल खंडपीठ ने कल मामले की सुनवाई किया। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता द्वय दिलीप कुमार पांडेय व अशोक राय का वकालतनामा न्यायालय में उपलब्ध नही हुआ। इसके कारण कोर्ट ने सुनवाई टाल दिया । न्यायालय ने फ्रेस केस के रूप में याचिका सुनवाई के लिए 11 सितंबर को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है ।

न्यायालय ने विवेचना अधिकारी को विवेचना के सभी साक्ष्यों को संकलित कर साक्ष्यों को अगली सुनवाई पर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है । न्यायालय ने कल यह आदेश क्रिमिनल मिसलेनियस एंटीसिपेटरी बेल एप्पलीकेशन नम्बर 4579 / 2020 व 4597 / 2020 में दिया है । यह याचिका मनियर नगर पंचायत के अध्यक्ष भीम गुप्ता व सिकंदरपुर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार राव द्वारा अलग अलग दाखिल की गई है ।

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आरोपियों को बचाने का आरोप

इस बीच सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय ने मणि मंजरी की मौत मामले को लेकर पुलिस पर आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है । उन्होंने आज यहां एक वक्तव्य जारी कर दावा किया है कि मणि मंजरी राय केस में 8 सितंबर को बलिया पुलिस के चेहरे से नक़ाब उतर गया । उन्होंने कहा कि पुलिस एक पीसीएस अधिकारी की मौत के गम्भीर मामले में किस तरह बेशर्मी से अपराधियों को बचाने में लगी है इसका उदाहरण यही है कि आरोपियों की जमानत याचिका 8 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने के बावजूद पुलिस ने न्यायालय में मुकदमे से सम्बंधित रिपोर्ट दाखिल नही किया ।

आरोपियों को बचाने के लिए हो रहा नंगा नाच

उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसा इसलिए कर रही है ताकि आरोपी न्यायालय से जमानत की राहत प्राप्त कर सके । उन्होंने पुलिस से सवाल किया है कि आखिर वह किस दबाव में निम्न स्तर पर जाकर आरोपियो को बचाने के लिए नंगा नाच कर रही है । उन्होंने पुलिस के रिपोर्ट दाखिल न करने को लेकर भी सवालिया निशान लगाये हैं । उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 11 सितंबर को भी अगर पुलिस यही गंदा खेल खेली तो हम पुलिस के ख़िलाफ़ महिला आयोग,मानवाधिकार आयोग सहित सभी मंचों पर शिकायत करेंगे । इसके साथ ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल करेंगे ।

आंदोलन की धमकी

उन्होंने सड़क पर उतर कर आंदोलन करने की धमकी भी दी है । उन्होंने तीखे तेवर अख्तियार करते हुए कहा है कि बलिया पुलिस ने अपने राजनैतिक आकाओ के दबाव से बाहर आकर न्याय का साथ नहीं दिया तो बहुत सारे अधिकारियों को भी परिणाम भुगतना पड़ेगा । उन्होंने कहा कि पुलिस इस भ्रम में ना रहे कि कुछ दिन बाद मामला ठंडा पड़ जायेगा ।

उल्लेखनीय है कि मणि मंजरी के परिजन दो दिन पहले प्रमुख सचिव , गृह अवनीश अवस्थी व पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी से लखनऊ में मिले थे । परिजनों ने पत्र देकर आरोप लगाया कि घटना के दो महीने बाद भी पुलिस जांच के नाम पर टाल मटोल कर रही है। मुख्य आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं और जांच को प्रभावित कर रहे हैं। वह अंतरिम जमानत लेने का बार-बार प्रयास कर रहे हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी हुई हैं । मणि मंजरी के भाई कौशलेश राय ने मौत के मामले में शामिल आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई । परिजनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ।

अनूप कुमार हेमकर

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