शिवभक्तों को मोदी का खास तोहफा, तैयार हुई महाकाल एक्सप्रेस

ट्रेन के किराए की बात की जाए तो वाराणसी और उज्जैन के बीच किराया 16 सौ रुपये के आसपास है। ट्रेन में थर्ड एसी कोच लगे हैं । इस ट्रेन में यात्री सुविधाओं को विशेष रूप से ध्यान दिया गया है।

वाराणसी: शिवभक्तों के लिए काशी और उज्जैन के लिए विशेष महत्व है। लिहाजा शिवरात्रि के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दोनों शहरों के बीच सीधी ट्रेन चलाकर शिवभक्तों को बड़ा सौगात देने जा रहे हैं। आगामी 16 फरवरी को वाराणसी दौरे पर पीएम इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। फिलहाल अभी इस ट्रेन ट्रायल रन शुरू हो गया है।

20 फरवरी से नियमित चलेगी महाकाल एक्सप्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में इस हमसफर क्लास ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। एसी बोगियों वाली यह ट्रेन 20 फरवरी से नियमित रूप से चलेगी। यह देश की तीसरी कॉरपोरेट ट्रेन होगी, जिसका संचालन तेजस की तरह आईआरसीटीसी के पास होगा। ट्रेन तीन ज्योतिर्लिंग वाराणसी में काशी विश्वनाथ, उज्जैन में महाकालेश्वर और इंदौर के पास ओंकारेश्वर को जोड़ेगी।

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कम होगी दोनों शहरों की दूरी

काशी महाकाल एक्सप्रेस चलाने का उद्देश्य काशी विश्वनाथ और महाकाल के बीच की दूरी को कम किया जा सके। फिलहाल दोनों शहरों के बीच कोई सीधी ट्रेन नहीं है, जिसकी वजह से शिवभक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। 1200 किमी की दूरी को तय करने में 20 घंटे से ज्यादे का समय लग जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। यह ट्रेन हफ्ते में तीन दिन चलेगी।

ट्रेन में मिलेंगी ये सुविधाएं

ट्रेन के किराए की बात की जाए तो वाराणसी और उज्जैन के बीच किराया 16 सौ रुपये के आसपास है। ट्रेन में थर्ड एसी कोच लगे हैं । इस ट्रेन में यात्री सुविधाओं को विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। ट्रेन में यात्रियों के बैठने के लिए लक्जरी सीट हर सीट बने है। हर सीट पर दो मोबाइल चार्जर और एलईडी स्क्रीन लगाई गई है जिसमे ट्रेन की स्पीड बताई जाएगी। इसके अलावा सभी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिसकी मॉनिटरिंग कोच अटेंडेंट करेगा। ट्रेन के पेंट्रीकार में सिर्फ शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा। इसका खर्च यात्रा टिकट में शामिल होगा।

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