खंडहर में तब्दील होता जा रहा स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बनाया गया आवास

खंडहर हो रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अब आगनबाडी का ऑफिस चल रहा है। क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि जिस भवन में आंगनबाड़ी का ऑफिस खोल चलाया जा रहा है। व

रजनीश कुमार मिश्र 

गाजीपुर: जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ब्लॉक मुख्यालय बाराचवर के स्थानीय गांव बाराचवर मे बीमारी को दूर भगाने के लिए बनाया गया, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जो ब्लॉकमुख्यालय में पड़ने वाले 70 से 80 गांव के मरीजों को संजीवनी देने का एकमात्र जरिया है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण आज खुद ही किसी बीमार विधवा के भाती बदहाली की स्थिति झेल रहा है।

ये भी पढ़ें—प्रियंका गांधी की बेटी को कही ये बात तो युवक हुआ गिरफ्तार

बदहाली की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग का यह भवन

अस्पताल में कर्मचारियों के लिए बनाया गया आवास और मुख्य भवन जो अपने बदहाली के लिए रो-रो कर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोश रहा है। अस्पताल के जर्जर स्थिति का मुख्य कारण अस्पताल को दूसरे जगह स्थानांतरित करना है। जिसके वजह से आज बदहाली की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग का यह भवन पहुंच चुका है।

सन 1985.86 मे बना था प्राथमिक सवास्थ्य केन्द्र

करीब 35 या 40 साल पहले सन 1985 या 86 में इंसानों को संजीवनी देने के लिए बनाया गया प्राथमिक सवास्थ्य केन्द्र ब्लॉक मुख्यालय के अंतर्गत इकलौता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। जहां 60 से 70 गांव के बीमार इंसान आते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग व जनप्रतिनिधियों के उदासीनता के कारण आज बदहाल पड़ा हुआ है।

ये भी पढ़ें—महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन: SC पहुंची शिवसेना, कहा-BJP को 48, हमें 24 घंटे क्यों?

अस्पताल चारागाह में तब्दील हो चुका है

कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवास अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के प्रांगण में चारों तरफ लगे जंगल झाड़ की वजह से अस्पताल आज चारागाह में तब्दील हो चुका है। वहां रह रहे कुछ कर्मचारी बताते हैं कि यहां रहना किसी मौत के मुंह में जाने से कम नहीं है। कर्मचारियों ने बताया कि बरसात के समय आवास किसी छोटे गड्ढे में तब्दील हो जाता है ,और सारी रात जागकर बितानी पड़ती है। उस समय लगता है कि कब छत हम लोगों के ऊपर गिर पड़े पड़ेगा।

कर्मचारियों के लिए बनाया गया आवास हो रहा खंडहर में तब्दील

कर्मचारियों के लिए बनाया गया आवास आज रखरखाव के कारण खंडार में तब्दील होता जा रहा है ।जिसकी वजह से वहां रह रहे स्वास्थ्य कर्मियों व एंबुलेंस चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि जब से अस्पताल दूसरे जगह शिफ्ट हुआ है, तब से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नहाने पानी पीने के लिए एक इंडिया मार्का हैंड पंप का सहारा लेना पड़ता है। और उसमें से भी दूषित पानी आता है दूसरे जगह बने भवन में जगह न होने के कारण हम लोगों के साथ साथ स्वास्थ्य कर्मी भी इसी जगह रहने के लिए मजबूर है।

ये भी पढ़ें— सड़क पर मछलियां! लोगों में लूटने के लिए मची हायतौबा

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया स्थानांतरण

सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र के लिए बनाए गए नए भवन में सीएमओ के मौखिक आदेश पर स्थानातरण कर दिया गया। तत्कालीन डॉ पी के गुप्ता ने बताया कि उस समय नया भवन बनाया गया था । जिसके रख-रखाव के लिए सीएमओ के मौखिक आदेश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन में स्थानांतरण कर दिया गया।

खंडहर हो रहे आवास को विभाग ने किया निष्क्रिय घोषित

एमएनएस के पद पर तैनात मोहम्मद असलम अंसारी बताते हैं । कि जो भवन खंडहर में तब्दील हो रहे हैं उसके मेंटेनेंस के लिए कोई बजट नहीं आता है ।क्योंकि विभाग ने उसे निष्क्रिय घोषित कर चुका है, वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महिला अस्पताल चालू कर दिया जाए तो अस्पताल का रखरखाव भी सही हो जाएगा ।और क्षेत्र की महिलाओं को गाजीपुर या मऊ जाने कि जरूरत नहीं पड़ेगी।

खंडहर हो रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है आंगनबाड़ी केंद्र

खंडहर हो रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अब आगनबाडी का ऑफिस चल रहा है। क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि जिस भवन में आंगनबाड़ी का ऑफिस खोल चलाया जा रहा है। वहां महिला अस्पताल बन जाए तो क्षेत्र की महिलाओं को काफी सहूलियत मिल जायेगी। वहीं महिलाओं को प्रसव व अन्य बीमारियों के लिए दूसरे जगह नहीं जाना पड़ेगा।