×

टंडन का अटल से ऐसा नाता, पार्षद से राज्यपाल तक, आसान नहीं था राजनीति का सफर

यूपी में भाजपा की राजनीति में एक बड़े नेता और मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का आज निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। टंडन भाजपाृ बसपा की साझा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।

Shivani

ShivaniBy Shivani

Published on 21 July 2020 3:25 AM GMT

टंडन का अटल से ऐसा नाता, पार्षद से राज्यपाल तक, आसान नहीं था राजनीति का सफर
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

श्रीधर अग्निहोत्री

लखनऊ। यूपी में भाजपा की राजनीति में एक बड़े नेता और मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का आज निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व अटल विहारी वाजपेयी के बेहद करीबी रहे लालजी टंडन यूपी की भाजपा बसपा की साझा सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे। इसके अलावा वह भाजपा विधानमंडल दल के नेता भी रहे। इसके बाद केन्द्र में भाजप सरकार आने के बाद उन्हे बिहार का राज्यपाल बनाया गया। वर्तमान में वह मध्यप्रदेश के राज्यपाल थे।

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का निधन

लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल, 1935 में हुआ था। अपने शुरुआती जीवन में ही लालजी टंडन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे। उन्होंने स्नातक तक पढ़ाई की है। इसके बाद 1958 में लालजी का कृष्णा टंडन के साथ विवाह हुआ। उनके बेटे गोपाल जी टंडन इस समय उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री हैं।

ये भी पढ़ेंः अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे PM मोदी, इन दिग्गजों को भेजा जाएगा न्योता

अटल बिहारी वाजपेयी के करीबी थे लालजी टंडन

राष्ट्रीय स्वंय संघ के बेहद करीबी रहे लालजी टंडन की सत्तर के दशक में भाजपा के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात हुई। इसके बाद वह उनके बेहद करीबी होते गये। अटल विहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री हुए तो लखनऊ आने पर वह उनके घर पर ही भोजन करते थे। लालजी टंडन खुद कहते हैं कि अटल बिहारी वाजपेयी ने राजनीति में उनके साथी, भाई और पिता तीनों की भूमिका अदा की।

ऐसा रहा टंडन का राजनीतिक सफर

लालजी टंडन का राजनीतिक सफर साल 1960 में शुरू हुआ। लाल जी टंडन लखनऊ में दो बार पार्षद चुने गए और दो बार विधान परिषद के सदस्य रहे। उन्होंने इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ जेपी आंदोलन में भी बढ़-चढकर हिस्सा लिया था। 1978 से 1984 तक और 1990 से 96 तक लालजी टंडन दो बार उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सदस्य रहे। इस दौरान 1991-92 की उत्तर प्रदेश सरकार में वह मंत्री भी रहे।

ये भी पढ़ेंः लखनऊ के ‘लाल’ लालजी टंडन का निधन, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के थे बेहद करीबी

लगातार तीन बार जीता विधायकी का चुनाव

इसके बाद लालजी 1996 से 2009 तक लगातार तीन बार चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 1997 में वह भाजपा बसपा की साझा सरकार में नगर विकास मंत्री रहे। लालजी टंडन को उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई अहम प्रयोगों के लिए भी जाना जाता रहा । 90 के दशक में प्रदेश में भाजपा और बसपा की गठबंधन सरकार बनाने में भी उनका अहम योगदान रहा था।

बिहार के राज्यपाल से मध्य प्रदेश तक पहुंचे

साल 2009 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीति से दूर होने के बाद लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे। इस चुनाव में उन्होंने यह सीट बेहद आसानी से जीत ली। लालजी टंडन को साल 2018 में बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद पिछले साल जुलाई में उन्हे मध्यप्रेदश का राज्यपाल बनाया गया था।

देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Shivani

Shivani

Next Story