बेरोजगारी की कगार पर खड़े लग्जरी बस संचालक, CM को लिखा पत्र

AILBA के अंडर चलने वाली इन बसों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में मुसाफिर सफर करते थे। लॉकडाउन के पहले इन में रिजर्वेशन तक मिलना मुश्किल था।

नोएडा: लॉकडाउन का असर नोएडा से लखनऊ मार्ग पर संचालित होने वाले करीब 400 से अधिक निजी बस मालिकों पर पड़ा है। यह वह बस संचालक है जिनकी बसे दिल्ली में खड़ी हैं और इनका रजिस्ट्रेशन यूपी का है। लाखों रुपए राजस्व देने वाले इन बस संचालकों व इस व्यवसाय से जुड़े लोगों पर अब बेरोजगारी के बादल मंडराने लगे हैं।

इसको लेकर को बस संचालकों का एक प्रतिनिधि मंडल ने लखनऊ स्थित परिवहन आयुक्त धीरज साहू से मुलाकात की और लॉकडाउन से लेकर आगामी छह महीने का रोड टेक्स माफ करने की गुहार लगाई और मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र लिखा।

प्रतिदिन हजारों मुसाफिर करते थे सफर

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आल इंडिया लक्जरी बस एसोसिएशन के अंडर चलने वाली इन बसों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में मुसाफिर सफर करते थे। लॉकडाउन के पहले इन बसों में रिजर्वेशन तक मिलना मुश्किल था। लॉकडाउन व दो प्रदेशों के अलग-अलग नियमों ने इन बस संचालकों की रीढ़ तोड़ दी है। लग्जरी बसें बिना मैनटेनेंस की खड़ी हैं।

इन रूटों पर चलती थी बसें

दिल्ली से लखनऊ
दिल्ली से इलाहबाद
दिल्ली से कानपुर

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दिल्ली से बनारस
दिल्ली से जौनपुर
दिल्ली से गौरखपुर

क्या कहते है एसोसिएशन के अध्यक्ष

ऑल इंडिया लग्जरी बस यूनियन के अध्यक्ष श्याम लाल गोला ने बताया कि शासन की तरफ से सभी लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए आर्थिक रूप से मदद की जा रही है। लेकिन निजी बस संचालकों के ऊपर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

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उन्होंने बताया कि लखनऊ, गोरखपुर, फैजाबाद, जौनपुर, देवरिया समेत विभिन्न मार्गों पर बसें चलती है। अब आर्थिक संकट के साथ बेरोजगारी तक आ चुकी है। ऐसे में मुख्यंत्री से गुहार लगाई है साथ ही रोड टेक्स माफ करने के लिए ज्ञापन दिया है।

रिपोर्ट- दीपांकर जैन