अब बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों की खैर नहीं

सड़क सुरक्षा सप्ताह (17 जून से 22 जून तक) के समाप्त होने के बाद माना जा रहा था कि लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी हेलमेट चेकिंग अभियान को भी समाप्त कर देंगे, लेकिन कलानिधि नैथानी अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं।

लखनऊ: सड़क सुरक्षा सप्ताह (17 जून से 22 जून तक) के समाप्त होने के बाद माना जा रहा था कि लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी हेलमेट चेकिंग अभियान को भी समाप्त कर देंगे, लेकिन कलानिधि नैथानी अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनकी ओर से कोई इशारा नहीं मिलने के कारण थानों में तैनात थानेदार अपने अतिरिक्त निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों को सुबह-शाम सड़कों पर सक्रिय देखा जा सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजकल प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अपने तेवर सख्त किए हुए हैं। इसको देखते हुए राजधानी की पुलिस ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। आजकल सुबह से ही पुलिस के अतिरिक्त निरीक्षक, उपनिरीक्षक सड़क पर उतर आ रहे हैं। सोमवार की सुबह भी पुलिसकर्मी सड़क उतरे और बिना हेलमेट पहने व्यक्तियों को पकड़ने में जुट गए।

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सोमवार को भी हेलमेट चेकिंग को लेकर राजधानी में नजारा ऐसा ही देखने को मिला। डालीगंज पुल से एसएसपी कार्यालय, परिवर्तन चौक की ओर जाने वाले मार्गो पर पुलिस पूरी चुस्ती के साथ बिना हेलमेट पहने लोगों को पकड़ती दिखी। सुबह आठ बजे पुलिस को सड़क पर सक्रिय देखकर आमजन हैरान थे। पुलिस वालों की सक्रियता भी ऐसी कि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट के दिखने पर सीधे उसका चालान ही काटा जा रहा था। इस दौरान महिलाओं को भी रोका गया और उनका भी हेलमेट नहीं होने पर चालान कटा।

राजधानी पुलिस ने टर्निंग प्वाइंट को अपना ठिकाना बनाया है। जो रास्ते हजरतगंज की ओर आते हैं और जहां भी छोटे-बड़े मोड़ है, वहां पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं। इसमें सीतापुर रोड से आते हुए डालीगंज पुल को दोनों छोर, हनुमान सेतु, महानगर से आते हुए गोमती पुल, नरही मोड़, कण्टोमेंट मोड़, आलमबाग पार्क तिराहा, मवइया मोड़ पर पुलिसकर्मियों की घेराबंदी देखी जा रही है।

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पुलिस की सक्रियता को पैमाने में देखा जाये तो हसनगंज थाना, चौक थाना और कैसरबाग थाना की पुलिस अभी तक हेलमेट अभियान को जोर देने में अव्वल मिली है। सड़क पर तीनों ही थानों की पुलिस अपने अगल ही अंदाज में दिखाई दी है।

ट्रैफिक नियमों के पालन की स्थिति यह है कि प्रदेश की राजधानी में बिना हेलमेट पहले घूमने वालो का प्रतिशत 40 के करीब है। वहीं 10 प्रतिशत लोग हेलमेट अपने वाहनों पर लटकाकर घूमते है। ऐसे में 50 प्रतिशत लोग ही हेलमेट को पहनना पसंद करते है। उसमें भी 20 प्रतिशत वाहन सवार केवल चालान बचाने के लिए हेलमेट पहनते हैं।