दिवंगत पूर्व विधायक अखिलेश सिंह के अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

रायबरेली सदर विधानसभा सीट से दबंग बाहुबली विधायक अखिलेश सिंह का पीजीआई में 4 बजे लंबी बीमारी के बाद निधन। पूर्व विधायक अखिलेश सिंह ने 90 के दशक में अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की और विधायक बने। अखिलेश सिंह रायबरेली सदर सीट पर 5 बार विधायक चुने गए थे।

रायबरेली: रायबरेली सदर विधानसभा सीट से दबंग बाहुबली विधायक अखिलेश सिंह का पीजीआई में 4 बजे लंबी बीमारी के बाद निधन। पूर्व विधायक अखिलेश सिंह ने 90 के दशक में अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की और विधायक बने। अखिलेश सिंह रायबरेली सदर सीट पर 5 बार विधायक चुने गए थे।

रायबरेली सदर विधानसभा से विधायक अखिलेश सिंह दबंग छवि के माने जाते हैं। उनका जन्म 15 सितंबर 1959 को हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय रवेंद्र नाथ सिंह था। उनकी पत्नी का नाम वैशाली था। उनके दो पुत्रियां हैं।

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राजनीतिक सफर की शुरुआत

उनका राजनीतिक सफर नवम्बर 1993 में तब शुरू हुआ जब वह कांग्रेस से 12 वीं विधानसभा के सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए। इसके बाद वह 1996 में दूसरी बार 13 वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। 1997 में वह विशेषाधिकार समिति के सदस्य रहे।
अखिलेश सिंह

साल 2002 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से वह तीसरी बार 14 वीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। जिसके बाद 2002 से 2003 तक प्राक्कलन समिति के सदस्य भी रहे। अपनी आपराधिक छवि के कारण साल 2003 में कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद अखिलेश सिंह ने कांग्रेस और गांधी परिवार के खिलाफ जमकर जहर उगला था।

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पांच बार विधायक चुने गए

कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद जनता में अपनी मजबूत पकड़ के चलते 2007 के विधानसभा चुनाव में वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चौथी बार रायबरेली सदर से विधायक चुने गए। इसके बाद साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वह पांचवीं बार फिर से विधायक चुने गए। इस चुनाव में वह पीस पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर खड़े हुए। इस चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के राम प्रताप यादव को हराया था। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर बहुत ज्यादा था। जहाँ अखिलेश सिंह को चुनाव में 75588 वोट प्राप्त हुए वही राम प्रताप यादव को 46094 वोट मिले थे।

रायबरेली भले ही कांग्रेस का गढ़ मानी जाती रही है लेकिन जब विधायक अखिलेश सिंह ने पार्टी छोड़ी तो रायबरेली सदर विधानसभा सीट से उनके अलावा कोई दूसरी पार्टी का नेता जीत नही सका। उनके निधन पर जिले में शोक की लहर है वही रायबरेली वासियों को माने तो वह गरीबों के मसीहा थे गरीबों को सताते नहीं थे और गरीबों को बढ़-चढ़कर मदद करते थे इसी वजह था कि अखिलेश सिंह की जीत हरदम बनी रहती थी अभी तक अखिलेश सिंह का ही रायबरेली में दबदबा था लोगों का कहना है कि अखिलेश सिंह गरीबों का मसीहा थे।

विधायक के अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

विधायक अखिलेश सिंह के मृत्यु के बाद रायबरेली के सोशल मीडिया पेज उनकी श्रद्धांजलि से भर गए। उनको श्रद्धांजलि देने वालों ने उनको रॉबिनहुड बताया किसी ने उनको गरीबों का मसीहा बताया। विधायक अखिलेश सिंह श्रद्धांजलि देने उनके पैतृक गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उनके अंतिम दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें उनके आवास के बाहर लगी।

भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारी पुलिस फोर्स की व्यवस्था की है। जिससे उनके गांव के जाने वाले रास्तों पर जाम न लगे। लेकिन भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की यह उपाय नाकाफी साबित हो रही है। रायबरेली के दूरदराज से लोगों का उनके पैतृक गांव आना लगा हुआ है। हर कोई उनके अंतिम दर्शन कर उनको श्रद्धांजलि दे रहे है।

 श्रद्धांजलि देने रायबरेली की जिलाधिकारी समेत कई नेता पहुंचे

रायबरेली की जिलाधिकारी नेहा शर्मा के साथ पुलिस अधीक्षक सुनील सिंह सहित अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह एसडीएम सदर शशांक त्रिपाठी भी उनको श्रद्धांजलि देने उनके आवास पहुंचे। कांग्रेस के बड़े नेता भी उनके आवास श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। दिवंगत विधायक अखिलेश सिंह की अंतिम यात्रा 12:00 बजे उनके पैतृक आवास से धुन्नी सिंह नगर होते हुए डलमऊ गंगा घाट पहुंचेगी यहां पर हिंदू रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।