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सपा की पुरानी परम्परा है खरीद-फरोख्त की राजनीति: सतीश चंद्र मिश्रा

बसपा के विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा है कि वह अखिलेश से कभी भी मुलाकात नहीं की है, दलित समाज का बेटा राज्यसभा न पहुंच पाए इसीलिए एक उद्योगपति को पर्चा भराया गया।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 28 Oct 2020 1:55 PM GMT

सपा की पुरानी परम्परा है खरीद-फरोख्त की राजनीति: सतीश चंद्र मिश्रा
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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने पार्टी विधायकों की बगावत को लेकर समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा है कि खरीद-फरोख्त की राजनीति सपा की पुरानी परम्परा रही है, इसमे कोई नई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि बागी विधायकों के खिलाफ पार्टी कार्रवाई करेगी। उन्नाव के बांगरमऊ विधानसभा उपचुनाव में बसपा प्रत्याशी महेश पाल के समर्थन में बुधवार को जनसभा करने पहुंचे सतीश मिश्रा ने कहा कि सपा ने जो संदेश दिया है वह अपने ही खिलाफ दिया है। पूरा देश व प्रदेश उनके इस काम के खिलाफ थू-थू कर रहा है।

लालजी वर्मा ने कहा- अखिलेश से कभी भी मुलाकात नहीं की

इधर, बसपा के विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने कहा है कि वह अखिलेश से कभी भी मुलाकात नहीं की है, दलित समाज का बेटा राज्यसभा न पहुंच पाए इसीलिए एक उद्योगपति को पर्चा भराया गया। जबकि बसपा नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि सपा ने बसपा को नहीं बल्कि एक दलित को आगे बढ़ने से रोका है, दलित समाज इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि सपा ने विधायकों की खरीद-फरोख्त कराई है लेकिन सपा के इस काम से बसपा पर कोई असर नहीं पडेगा। उन्होंने बसपा के बागी विधायकों के ठिकानों पर छापा मारने की मांग भी की। फिलहाल बसपा ने निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज के नामाकंन पत्र पर आपत्ति उठाते हुए उसे खारिज करने की मांग की है।

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बागियों की संख्या 07 हो गई

बता दें कि बुधवार सुबह बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम के 05 प्रस्तावक विधायकों असलम राइनी, असलम अली, मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद और हरगोविंद भार्गव ने प्रस्तावक सूची से अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद ये विधायक सीधे समाजवादी पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां इनकी सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लंबी बातचीत हुई। इसके बाद बसपा की एक और विधायक सुषमा पटेल भी बगावत कर गईं और सपा के खेमे में नजर आईं। अब आजमगढ़ की सगड़ी से बसपा विधायक वंदना सिंह का नाम जुड़ने से बागियों की संख्या 07 हो गई है।

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रिपोर्ट- मनीष श्रीवास्तव

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