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कांग्रेस बोली: SIT को 10 दिन का विस्तार ,जांच ठंडे बस्ते में डालने की साजिश

उन्होंने एक वीडियो संदेश में जारी बयान में कहा कि हाथरस की घटना में भाजपा और योगी आदित्यनाथ सरकार उस सिद्धांत पर चल रही है जिसके तहत कहा गया है

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NewstrackBy Newstrack

Published on 7 Oct 2020 6:30 AM GMT

कांग्रेस बोली: SIT को 10 दिन का विस्तार ,जांच ठंडे बस्ते में डालने की साजिश
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कांग्रेस बोली: SIT को 10 दिन का विस्तार ,जांच ठंडे बस्ते में डालने की साजिश (social media)
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लखनऊ: हाथरस कांड की जांच कर रही एसआईटी की जांच अवधि में विस्तार किए जाने को कांग्रेस ने मामले को ठंडे बस्ते में डालने की साजिश बताया है। कांग्रेस नेता अंशु अवस्थी ने कहा हाथरस पीड़िता को इंसाफ देने में योगी सरकार की ओर से लगातार लापरवाही की जा रही है । एसआईटी जांच में देरी भी इसका एक सबूत है।

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उन्होंने एक वीडियो संदेश में जारी बयान में कहा

उन्होंने एक वीडियो संदेश में जारी बयान में कहा कि हाथरस की घटना में भाजपा और योगी आदित्यनाथ सरकार उस सिद्धांत पर चल रही है जिसके तहत कहा गया है कि किसी चीज को नष्ट करने के लिए देर करना सबसे अच्छा तरीका है । लेकिन योगी सरकार यह भूल गई है कि इंसाफ के मामले में भी एक स्थापित सिद्धांत है कि अगर आप इंसाफ देर से देते हैं तो यह अन्याय ही है और न्याय देने से इनकार करने के बराबर है। हाथरस गैंगरेप पीड़िता के मामले में भी योगी सरकार इसी फार्मूले पर काम कर रही है।

पहले पीड़िता की एफ आई आर लिखने में देरी की गई बाद में उसे अच्छी चिकित्सा देने का इंतजाम नहीं किया गया। आधी रात के बाद जबरदस्ती उसका अंतिम संस्कार कराया गया। पीड़ित परिवार के साथ मुलाकात करने से देश के सबसे प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को रोका गया। मीडिया को रोका गया। इस सब के बाद अब एसआईटी जांच भी रोकी जा रही है। जांच को जानबूझकर लटकाया जा रहा है जिससे जांच के निष्कर्ष भी सामने ना आए और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने की कोई गुंजाइश ना बचे।

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एसआईटी जिसको सरकार ने शीर्ष प्राथमिकता बताया था

उन्होंने कहा कि एसआईटी जिसको सरकार ने शीर्ष प्राथमिकता बताया था और गठित किया था उसकी जांच तय समय पर पूरी कराने के बजाए योगी सरकार ने फिर से 10 दिन का समय दिया है जो पूरी तरीके से मामले में गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।

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उन्होंने कहा कि हाथरस की घटना जिससे पूरा देश हिल गया उसमें लगातार दरिंदों/बलात्कारियों को बचाने की कोशिश उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार द्वारा की गई और आज एसआईटी की जांच समय पर पूरे न होना बहुत कुछ कहता है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा सीबीआई जांच के लिए केंद्र की भाजपा सरकार को पत्र लिखे हुए 3 दिन से ज्यादा हो गया लेकिन अभी तक केंद्र सरकार के द्वारा अनुमति ना देना बहुत कुछ कहता है ।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुंबई के अभिनेता कीसीबीआई जांच के आदेश 10 घंटे में हो सकते हैं तो एक दलित महिला के लिए इतनी देरी क्यों ? आखिर बीजेपी क्यों बलात्कारियों को बचा रही यह भाजपा का महिला विरोधी और दलित विरोधी चेहरा है।

अखिलेश तिवारी

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