सीतापुर: CM योगी के दावे की BJP विधायक ने ही खोली पोल, जानिए क्या है मामला

सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही गांव में विकास की गंगा बहाने, भ्रष्टाचार मुक्त विकास कार्य कराने का दावा कर रहे हों लेकिन, जिले के सेवता सीट से भाजपा विधायक विधायक ज्ञान तिवारी हर रोज भ्रष्टाचार उजागर कर रहे हैं। बुधवार को भी भ्रष्टाचार का बडा मामला उजागर कर सनसनी फैला दी।

Published by Ashiki Patel Published: December 23, 2020 | 7:27 pm
bjp mla gyan tiwari

File photo

सीतापुर: सीएम योगी आदित्यनाथ भले ही गांव में विकास की गंगा बहाने, भ्रष्टाचार मुक्त विकास कार्य कराने का दावा कर रहे हों लेकिन, जिले के सेवता सीट से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी हर रोज भ्रष्टाचार उजागर कर रहे हैं। बुधवार को भी भ्रष्टाचार का बडा मामला उजागर कर सनसनी फैला दी।

जरा पढिये गौर से। विधायक ज्ञान तिवारी रामपुर मथुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत तुलसीपुर बंजर में आयोजित चौपाल के दौरान ही तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी की मौजूदगी में शौचालयों की जांच जब शुरू कराते हैं। सत्यापन में सनसनीखेज पहलू सामने आए। पता चला कि ग्राम प्रधान व सचिव ने सहायक विकास अधिकारी पंचायत के संरक्षण में गांव के 6 मृतकों को, 18 लोगों को गांव के बाहर, 10 शौचालय एक ही परिवार के 15 लोगों को शौचालय दे दिए, यही नहीं 98 शौचालयों का पता ही नही चला कहां बने हैं।

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इतना ही नहीं, एक लाख के डस्टबिन नहीं लगाए गए। 20 हजार रूपये निकाले गए लेकिन स्कूल शौचालय मरम्मत के नाम पर व्यय ही नहीं किया गया व तालाब भरने के नाम पर भी 20 हजार रूपये का घोटाला किया गया। खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार ने कहा भ्रष्टाचार का यह गंभीर प्रकरण है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर इस प्रकरण में अभियोग दर्ज कराया जाएगा। फिलहाल त्वरित कार्रवाई किसी प्रकार की नहीं की गई है। काफी संभावना है, कार्रवाई नहीं हो पाएगी। क्योंकि इसी तरह से जिले की लगभग सभी ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार किया गया है। जिले स्तर से विकास कार्यों की जांच पडताल नहीं कराई जा रही है। अगर सभी ग्राम पंचायतों में सत्यापन कराया जाए तो इससे भी बडे कारनामे उजागर होंगे।

चैपाल में बोले, पीएम और सीएम के प्रयास से हो रहे कार्य

अब विधायक जी चैपाल में क्या कहते हैं, पढिये.. उन्होंने कहा, तकनीक के जरिए सरकारी धन के वितरण में पारदर्शिता व तेजी आती है और इसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश न के बराबर होती है। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों से ही संभव हो सका है। लेकिन दुख व खेद के साथ कहना है गांव में अभी भी भ्रष्टाचार हो रहा है। जन सामान्य को ग्राम विकास व जन विकास से जुड़ी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से नहीं मिल पा रहा है।

चौपाल के दौरान विधायक को गांव में भ्रष्टाचार की अनेक शिकायतें मिली इस दौरान उन्होंने पाया गांव में सरकारी धन व योजनाओं का बंदरबांट हुआ है । मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार को विधायक ने जांच कर रिपोर्ट डीएम व उन्हें प्रेषित करने को कहा। विधायक ने कहा मोदी और योगी सीधे गांवों को विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में बजट उपलब्ध करा रहे हैं लेकिन फिर भी योजनाएं व विकास कार्यक्रम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।

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अन्य विधायक ऐसा क्यों नहीं कर रहे

अब सवाल उठता है कि भाजपा के अन्य विधायक गांव में विकास कार्यों का सत्यापन क्यों नहीं कर रहे। जिले में भाजपा के सात विधायक हैं। इनमें से सिर्फ ज्ञान तिवारी एक मात्र ऐसे विधायक हैं जो भ्रष्टाचार उजागर कर रहे हैं। 20 दिसंबर को भी एक गांव में जाकर भ्रष्टाचार उजागर करते हुए कहा कि कोई भी काम मानक अनुसार नहीं। कई काम तो हुए ही नहीं। कायाकल्प योजना का बंटाधार कर दिया गया है। सदर सीट से विधायक राकेश राठौर सिर्फ नाम के ही भाजपा के हैं। हरगांव से विधायक सुरेश राही तभी कुछ करते हैं जब उनके पुराने समर्थक शिकायत करते हैं।

महोली के विधायक शशांक त्रिवेदी का भी यही हाल है। लहरपुर के सुनील वर्मा, बिसवां से महेंद्र यादव और मिश्रिख से विधायक रामक्रष्ण गांव के विकास कार्य की हालत पर नजर ही नहीं डालते। अब ज्ञान तिवारी अगर भ्रष्टाचार की परतें खोल रहे हैं तो राजनीतिक गलियारों में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। बडी चर्चा यही कि आखिर तिवारी जी भ्रष्टाचार उजागर कर अपनी ही सरकार की फजीहत क्यों करवा रहे हैं।

रिपोर्ट: पुतान सिंह

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