×

यहां उड़ रहीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियांः लोगों की उमड़ी भीड़

हालात ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक खराब दिखते है जहां भारी भीड़ बैंकों के बाहर लग रही है। खाताधारक बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।

Rahul Joy
Updated on: 9 Jun 2020 6:29 AM GMT
यहां उड़ रहीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियांः लोगों की उमड़ी भीड़
X
inviting corona
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

हरदोई। सरकार कह रही है सोशल डिस्टेंशिंग का पालन किया जाए। सरकारी अमले को इस बात को जागरूक करके पालन कराना है लेकिन बैंकों के बाहर जो नजारे है वह इस बात को साबित करते है को ऐसे कैसे लड़ेगा इंडिया और कोरोना से जीतेगा इंडिया।क्योंकि बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंशिंग की धज्जियां हवा में है और पालन कराने वाले छाव में बैठे तमाशे देख रहे।

जिले में विभिन्न क्षेत्र के गांव से लेकर कस्बे तक बैंकों पर प्रतिदिन लग रही भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रही है। बैंकों पर केंद्र सरकार द्वारा खातों में डाले गये पांच सौ रुपए निकालने को लेकर लम्बी कतारें लग रही हैं। खुली बैंकों के बाहर भारी भीड़ लगी है बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग दुरुस्त कराने वाले कर्मचारियों का भी पता नही रहता वहीं बैंक के जिम्मेदार कर्मी भी इस मामले में उदासीन है।

केंद्र को 24 घंटे का अल्टीमेटमः प्रवासी मजदूरों के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां

जिले के विभिन्न इलाकों की बैंकों के बाहर प्रतिदिन केंद्र सरकार द्वारा खातों में आये पांच सौ रुपये निकालने को लेकर भीड़भाड़ लगी रहती है।यहां गैस के रुपये निकालने में भी लोग ज्यादा उमड़ते है। हालात ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक खराब दिखते है जहां भारी भीड़ बैंकों के बाहर लग रही है। खाताधारक बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसे में किसी के भी कोरोना संक्रमित होने के कारण सभी को इसका खतरा बना हुआ है। बैंक कर्मचारी बैंक में प्रवेश होते ही बैंक का मुख्य द्वार बंद कर लेते है। बैंक कर्मचारी भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाने को लेकर कोई काम नहीं कर रहे हैं।

सोशल डिस्टेंशिंग का करें पालन

आजकल बैंक खुलने से कई घण्टे पहले से पैसे निकालने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। बैंकों के बाहर लोग लाइन लगाकर घण्टों बैठ रहे है और अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे है।ऐसे में जब भीषण धूप में लाइन में लगने में लोग बेहाल हो जाते तो जहां छांव देखी एकत्र हो गए झुंड लगाकर। लाइनों में एक दूसरे के ऊपर लोग चढ़े जा रहे है लोग समझने को बिल्कुल भी तैयार नही की सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करना भी है।

रिपोर्टर- मनोज तिवारी, हरदोई

वर्चुअल रैलियों की बाढ़: यहां BJP की डिजिटल हुंकार, क्या दिखा पाएगी कमाल

Rahul Joy

Rahul Joy

Next Story