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वर्चुअल रैलियों की बाढ़: यहां BJP की डिजिटल हुंकार, क्या दिखा पाएगी कमाल

कोरोना संक्रमण न फैले, इसके लिए भीड़ जमा नहीं की जा सकती। ऐसे में भाजपा भव्य वर्चुअल रैलियां कर रही हैं। जिसकी हुंकार गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार से भरी। वहीं अब भाजपा एक के बाद एक वर्चुअल रैली कर जनता को प्रभावित करेगी।

Shivani Awasthi

Shivani AwasthiBy Shivani Awasthi

Published on 9 Jun 2020 6:14 AM GMT

वर्चुअल रैलियों की बाढ़: यहां BJP की डिजिटल हुंकार, क्या दिखा पाएगी कमाल
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लखनऊ: कोरोना संकट के बीच भारतीय जनता पार्टी चुनावों की तैयारी में भी जुट गयी है। ऐसे में रैलियो का दौर भी शुरू हो गया लेकिन आम जनसभाओं की तुलना में ये कुछ अलग हैं। दरअसल, कोरोना संक्रमण न फैले, इसके लिए भीड़ जमा नहीं की जा सकती। ऐसे में भाजपा भव्य वर्चुअल रैलियां कर रही हैं। जिसकी हुंकार गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार से भरी। वहीं अब भाजपा एक के बाद एक वर्चुअल रैली कर जनता को प्रभावित करेगी।

बिहार से भरी शाह ने हुंकार:

हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार चुनावों के मद्देनजर बड़े स्तर पर वर्चुअल रैली की, जिससे करीब 5 लाख कार्यकर्ताओ को शामिल किया गया। कहा गया कि भाजपा ने बिहार में स्थित 72 हजार बूथों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को शाह की रैली से जोड़ने के लिए हजारों एलईडी और स्मार्ट टीवी लगवाए। कहा जा रहा है कि भाजपा ने इस रैली में 144 करोड़ रूपये खर्च किये।

यहां से वर्चुअल रैलियों की बाढ़

ओडिशा से अमित शाह की वर्चुअल रैली-

बिहार के बाद अमित शाह ने ओडिशा के लोगों को वर्चुअल रैली के जरिये सम्बोधित किया। भाजपा लम्बे समय से ओडिशा में अपने पैर जमाने का प्रयास कर रही है। 2024 में राज्य की सत्ता में आने के लिए भाजपा अभी से जुट गयी।

बता दें कि बीजेडी प्रमुख नवीन पटनायक एलान कर चुके हैं कि ये उनका आखिरी चुनाव है। ऐसे में भाजपा के पास मौका है ओडिशा की राजनीति में अपने लिए जमीन तलाशने का और संगठन को मजबूत करने का।

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महाराष्ट्र से राजनाथ सिंह की वर्चुअल रैली

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को महाराष्ट्र में वर्चुअल रैली की। 'महाराष्ट्र संवाद' कार्यक्रम के जरिये उन्होंने कोविड-19 महामारी से निपटने को लेकर महाराष्ट्र की गठबंधन वाली सरकार की जमकर आलोचना की। वहीं शिवसेना द्वारा सोनू सूद पर की गयी टिप्पणी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को यूपी और कर्नाटक से सीख लेनी चाहिए।


पश्चिम बंगाल से अमित शाह की वर्चुअल रैली-

वहीं शाह आज पश्चिम बंगाल में वर्चुअल रैली को संबोधित करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, शाह आज 11 बजे बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जिरए जनसंवाद करेंगे। पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में शाह की इस रैली काफी अहम माना जा रहा है। इसके लिए भाजपा ने ममता सरकार के नौ साल के कार्यकाल में नौ खामियां गिनाने की रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि आगामी चुनाव के मद्देनजर भाजपा पश्चिम बंगाल के करीब 1000 वर्चुअल रैलियां करेगी।


कैसे होती हैं वर्चुअल रैली:

वर्चुअल रैली रियल टाइम इवेंट पर आधारित होती है। इसे वीडियो, ग्राफिक्स और पोल के जरिये ज्यादा आकर्षित बनाया जाता है। राजनैतिक दल अलग थीम या विषय पर फोकस करते हैं। जैसे हाल ही में अमित शाह की वर्चुअल रैली बिहार के आगामी चुनाव पर केंद्रित थी। इसके पहले जीपी नड्डा की वर्चुअल रैली मोदी सरकार के एक साल के कार्यकाल पर आधारित थी।

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वैसे तो अभी ये सोशल मीडिया पर ही मुख्य तौर पर प्रसारित होती हैं, लेकिन आम रैलियों की तरह इन्हे टीवी पर भी प्रसारित किया जा सकता है। क्योंकि अब वर्चुअल रैली का ही दौर आ गया है इसलिए इस योजना पर काम शुरू हो सकता है।

कितनी असरदार वर्चुअल रैली:

ये तकनीकि का दौर है। स्मार्ट फोन-सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी बढ़ चुका है। ऐसे में इनके जरिये चुनावी अभियानों की शुरुआत लोगों के मस्तिष्क पर असर तो डालेगा ही। एक सामान्य जनसभा एक क्षेत्र विशेष के लोगों पर सीमित समय तक असर रखती है लेकिन सोशल मीडिया के जरिये रैली को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित और वीडियो को लम्बे समय तक सोशल मीडिया पर वायरल करने का असर पड़ना संभावित है।

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हालाँकि ऐसा पहली बार होने वाला है, इसलिए इसके सही असर और प्रभाव के स्तर की माप तो संभव नहीं हैं लेकिन कोरोना संकट में वर्चुअल रैली ही भविष्य तय करेगी।

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