आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थीः शून्य शुल्क पर प्रवेश दिलाने के लिए आंदोलन करेगी सपा

अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के छात्र छात्राओं को बीएड कक्षाओं में शून्य फीस के आधार पर प्रवेश नहीं मिल सकेगा। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी की छात्र सभा ने आंदोलन का ऐलान किया है।

Published by Ashiki Patel Published: September 12, 2020 | 10:42 pm
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आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थीः शून्य शुल्क पर प्रवेश दिलाने के लिए आंदोलन करेगी सपा

लखनऊ: अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के छात्र छात्राओं को बीएड कक्षाओं में शून्य फीस के आधार पर प्रवेश नहीं मिल सकेगा। इसके विरोध में समाजवादी पार्टी की छात्र सभा ने आंदोलन का ऐलान किया है। छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि अगर सरकार ने इस काले कानून को वापस नहीं लिया तो पूरे प्रदेश में बड़े आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। सोमवार को समाजवादी छात्र सभा की ओर से सभी जिलों में समाज कल्याण अधिकारी को मांग पत्र सौंपा जाएगा।

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कुलसचिव को भेजा गया पत्र

समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को बीएड में निशुल्क प्रवेश के संबंध निदेशक समाज कल्याण की ओर से लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र के अनुसार बीएड कक्षाओं के लिए जो प्रवेश परीक्षा कराई गई है उसमें अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के उन्हीं छात्र छात्राओं को अवसर मिलेगा जो प्रवेश के समय ही अपनी फीस जमा करा देंगे। सरकार की ओर से फीस प्रतिपूर्ति की प्रत्याशा में किसी विद्यार्थी का प्रवेश न कराया जाए।

उन्होंने कहा कि समाजवादी छात्रसभा का मानना है कि शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय जहाँ संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है वहीं दलित व आदिवासी वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर कुठाराघात है। दलितों, आदिवासियों के अधिकारों के खिलाफ किसी भी निर्णय का समाजवादी छात्रसभा उत्तर प्रदेश पुरजोर खिलाफत करती है और हमारी यह मांग है कि शासन द्वारा तत्काल इस आदेश को वापस लिया जाए जिससे वंचित वर्ग के छात्रों के अधिकारों को संरक्षण मिलेगा वहीं समाज के वंचित तबके के लोगों का संवैधानिक मूल्यों में भरोसा मजबूत होगा।

…तो समाजवादी नौजवान सड़कों पर प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होंगे

छात्र सभा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस सिलसिले में संगठन की ओर से प्रदेश के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को एक पत्र भी भेजा गया है जिसमें उनसे अनुरोध किया गया है कि वह सरकार के इस मनमाने आदेश को वापस लेने के लिए निर्देशित करें। यदि 1 सप्ताह के अंदर हमारी मांग को नही माना गया तो हम समाजवादी नौजवान सड़कों पर प्रदर्शन करने हेतु बाध्य होंगे. छात्र सभा 14 सितंबर दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के मुख्यालय पर समाज कल्याण अधिकारी को ज्ञापन सौंपा कर, एक हफ्ते का समय निर्णय वापस लेने के लिए देगी, मांगे ना माने जाने पर पूरे प्रदेश में आन्दोलन किया जाएगा!

अखिलेश तिवारी

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