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जानिए दो सप्ताह बाद क्या करेंगे कर्मचारी संगठन, की ये घोषणा

राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों के सबसे बडे संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपनी 11 सूत्रीय मांगा को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 27 अगस्त तक मांगों पर समुचित कार्यवाही न की गई तो प्रदेश में बृहद स्तर पर जिला मुख्यालयों में धरना प्रर्दशन किया जायेगा।

Dharmendra kumar

Dharmendra kumarBy Dharmendra kumar

Published on 6 Aug 2019 4:32 PM GMT

जानिए दो सप्ताह बाद क्या करेंगे कर्मचारी संगठन, की ये घोषणा
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लखनऊ: राज्य कर्मचारियों एवं शिक्षकों के सबसे बडे संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपनी 11 सूत्रीय मांगा को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 27 अगस्त तक मांगों पर समुचित कार्यवाही न की गई तो प्रदेश में बृहद स्तर पर जिला मुख्यालयों में धरना प्रर्दशन किया जायेगा।

उनकी प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, 50 वर्ष में स्क्रीनिंग, पुरानी सेवाओं को जोड़कर सेवा लाभ, संविदा, आउटसोर्स, पदोन्नति, वेतन विसंगति, भत्तों, कैशलेस चिकित्सा आदि शामिल है। परिषद का कहना है कि सरकार लगतार उनकी मांगो को लेकर हीलाहवाली कर रही है। इसी आक्रोश के कारण आज पूरे प्रदेश में मंशाल जुलूस निकालते हुए जिलाधिकारियों को इस सम्बन्ध में ज्ञापन प्रस्तुत किये गये।

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परिषद में महामंत्री शिवबरन सिंह यादव ने बताया कि लोक सभा चुनाव के बाद अनेकों बार शासन के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बावजूद मांगों के निस्तारण में कोई प्रगति न होने कारण ही प्रदेश भर में मंशाल जुलूस निकालकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का कहना है कि उत्तर प्रदेश द्वारा समय-समय कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर शासन को ध्यानाकर्षण कराया जाता रहा है किन्तु कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता न दिखाये जाने के कारण ही आन्दोलन की स्थित बनी है। परिषद से सम्बद्ध लगभग 200 संगठनों द्वारा विगत दिनों में प्रदेश व्यापी हड़ताल की गई थी जिसें न्यायालय की आदेशों के क्रम में स्थगित कर दिया गया था। परिषद का कहना है कि 11 सूत्रीय मंाग-पत्र के सम्बन्ध में उच्च स्तर पर यदि प्रयास किया गया होता तो आन्दोलन की स्थिति न खड़ी होती।

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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह यादव, डिप्लोमा इंजी संघ लो0नि0वि0 का0 अध्यक्ष इं0 दिवाकर राय परिषद की जिलामंत्री अमिता त्रिपाठी, सुभाष चन्द्र तिवारी, अविनाश चन्द्र तिवारी, अमरजीत मिश्रा, धर्मपाल साहू, जितेन्द्र कुमार, अशोक सिंह, जितेन्द्र सिंह, अभिनव सिंह, राम नरेश त्रिपाठी, राम सुरेश सिंह, सहित लगभग 70 संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा सरकार को दो सप्ताह का समय दिया। लखनऊ में कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद की जिला शाखा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ने किया तथा संचालन जिलामंत्री अमिता त्रिपाठी द्वारा किया गया।

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